लाहौर. मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की पार्टी जमात- उद-दावा पाकिस्तान में राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभा सीटों पर 25 जुलाई को होने वाले आम चुनावों में 200 से ज्यादा उम्मीदवार खड़े कर रही है. हालांकि, सईद ने खुद चुनाव न लड़ने का फैसला किया है. आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े जमात-उद-दावा (जेयूडी) ने अपना राजनीतिक दल मिल्ली मुस्लिम लीग (एएमएल) शुरू किया, लेकिन इसे अभी तक पाकिस्तान निर्वाचन आयोग में पंजीकृत नहीं किया गया है. Also Read - पाकिस्तान ने आंतकियों को दी खुली छूट, हाफिज सईद से कहा- कश्मीर में भेजो दहशतगर्द

आम चुनाव के नजदीक आने के साथ ही इस समूह ने एक निष्क्रिय राजनीतिक दल अल्लाहू-अकबर तहरीक (एएटी) के नाम से चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जो चुनाव आयोग में पंजीकृत है. जेयूडी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने चुनाव आयोग से नामांकन पत्र ले लिए हैं और वे एएटी के मंच से अपने उम्मीदवार खड़े कर रहे हैं. जेयूडी को जून 2014 में अमेरिका ने विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था. जेयूडी प्रमुख पर आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण एक करोड़ डॉलर का ईनाम भी है. Also Read - श्रीनगर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, लश्कर का शीर्ष आतंकी ढेर

एमएमएल के प्रवक्ता अहमद नदीम ने के मुताबिक, ‘‘एमएमएल अध्यक्ष सैफुल्ला खालिद और एएटी प्रमुख अहमद बरी आगामी चुनावों में एएटी के मंच पर संयुक्त रूप से उम्मीदवार खड़े करने पर सहमत हो गए हैं. सीटों के बंटवारे के समझौते के अनुसार, एमएमएल 200 से अधिक शिक्षित उम्मीदवार खड़े करेगी. वे एएटी के चुनाव चिह्न कुर्सी पर चुनाव लड़ेंगे.’’ Also Read - NIA ने 22 साल की तानिया परवीन के खिलाफ जिहादी 'भर्ती' केस में आरोप पत्र किया दायर

यह पूछे जाने पर कि क्या सईद की संसदीय चुनाव लड़ने की योजना है, इस पर प्रवक्ता ने कहा, ‘‘नहीं, हाफिज की अभी ऐसी कोई योजना नहीं है. एमएमएल पहली बार चुनावों में भाग ले रही है और उम्मीद करते हैं कि हम संसद में जाएंगे.’’उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि लोग हमारे उम्मीदवारों का चयन करेंगे.’’