लंदन: ब्रिटेन उच्च न्यायालय शराब कारोबारी विजय माल्या की अपने को भारत के हवाले किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार यानी आज सुनवाई करेगा. भारत 9,000 करोड़ रुपये के धन शोधन के मामले में माल्या का प्रत्यर्पण चाहता है. Also Read - विजय माल्या ने प्रत्यर्पण से बचने के लिए चला आखिरी पैंतरा, ब्रिटेन से मांगी शरण!

लंदन का रॉयल कोर्ट आफ जस्टिस मंगलवार को मजिस्ट्रेट अदालत के प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ अपील की सुनवाई करेगा. ब्रिटेन के पूर्व गृह मंत्री साजिद जाविद ने पिछले साल फरवरी में इस आदेश पर हस्ताक्षर किए थे. Also Read - विजय माल्या ने ब्रिटेन में ही रहने का 'एक और विकल्प' आजमाया, क्‍या जल्‍द नहीं हो पाएगा प्रत्‍यर्पण

बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइन के पूर्व प्रमुख माल्या (64) अप्रैल, 2017 में प्रत्यर्पण वॉरंट पर अपनी गिरफ्तारी के बाद से जमानत पर हैं. Also Read - भगोड़े शराब कारोबारी Vijay Mallya को कब लाया जाएगा भारत, क्यों हो रही देर? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने दी यह जानकारी

उन्होंने उच्च न्यायालय से प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ अपील मांगी थी. पिछले साल जुलाई में दो सदस्यों की उच्च न्यायालय की पीठ ने व्यवस्था दी थ्ज्ञी कि मुख्य मजिस्ट्रेट एम्मा आर्बुथनॉट द्वारा दी गई प्रथम दृष्टया मामले में जो दलीलें दी गई हैं उनपर कुछ दलीलें हो सकती हैं. इस पीठ में न्यायमूर्ति जॉर्ज लेगाट और एंड्रूय पॉपलवेल शामिल थे.

जज लेगाट ने कहा कि इसमें सबसे प्रमुख आधार यह है कि वरिष्ठ जिला जज ने यह ठीक निष्कर्ष नहीं निकाल पाईं कि सरकार ने माल्या के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला स्थापित किया है.

(इनपुट भाषा)