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काठमांडू 19 मई: नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के मद्देनजर, पुनर्निर्माण व पुनर्वास को लेकर आपदाग्रस्त देश की जरूरतों के आकलन के लिए भारत का एक उच्चस्तरीय दल मंगलवार को नेपाल की राजधानी पहुंचा। प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त सचिव पी.के.मिश्रा तथा विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (उत्तरी) अभय ठाकुर नेपाल के अधिकारियों के साथ चर्चा के लिए काठमांडू पहुंचे। वे नेपाल में भारतीय राजनयिक से भी बातचीत करेंगे। एक नेपाली अधिकारी ने कहा कि भारत नेपाल की प्राथमिकता जानना चाहता है। नेपाल में 25 अप्रैल को आए 7.9 तीव्रता के भूकंप से पूरे देश में व्यापक तबाही मची थी। इस हादसे में आठ हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। यह भी पढ़े:भूकंप के बाद खुला चीन-नेपाल राजमार्ग Also Read - Earthquake: महाराष्ट्र में फिर हिली धरती, पालघर में महसूस किए गए भूकंप के झटके

 

उन्होंने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को ‘विशेष दल’ करार दिया और कहा कि वे नेपाल में आपदा के बाद की जरूरतों के आकलन का प्रयास करेंगे। यह दल संभावित सहयोग तथा सहायता के क्षेत्र का अध्ययन करेगा। ज्ञात सूत्रों के मुताबिक, मिश्रा आपदा बाद के चरण में पुनर्निर्माण तथा योजना विशेषज्ञ के तौर पर काम करेंगे।

उल्लेखनीय है कि गुजरात में 26 जनवरी को आए 6.9 तीव्रता के भूकंप के बाद पुनर्निर्माण के कार्यो में मिश्रा ने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस हादसे में 13,800 लोग मारे गए थे। एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने कहा कि इस सप्ताह तीन देशों के दौरे से मोदी के वापस आने के तुरंत बाद नेपाल की सहायता के लिए एक रूपरेखा तैयार की जाएगी।