हांगकांग: विमान के पुरुष पायलट छेड़ते हैं. यात्री भी छेड़छाड़ कर देते हैं. इससे पहले परेशान विमान की महिला पायलट ने टाइट स्कर्ट तक पहनना बंद कर दिया, इसके बाद भी लोग नहीं माने. ये दर्द किसी एक का नहीं, बल्कि कई महिला पायलट हैं. अब हांगकांग के विमानों के चालक दल की महिला सदस्य अपने साथ विमानों में होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायतों को लेकर ‘मीटू’ आंदोलन के दौर में मुखर हो रही हैं.

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हांगकांग के विमान चालक दल की महिला सदस्यों ने बताया कि उन्हें न सिर्फ विमान के यात्री प्रताड़ित करते हैं, बल्कि एयरलाइन के कर्मचारी भी उनका उत्पीड़न करते हैं. उन्होंने कहा कि एयरलाइनों ने सही दिशा में कुछ कदम उठाए हैं लेकिन वह अब भी ‘मीटू’ के दौर में महत्वपूर्ण कदम उठाने में पीछे हैं. हांगकांग कैबिन अटेंडेंट यूनियन का नेतृत्व करने वाली वेनस फंग ने कहा कि एयरलाइनों को अपने कर्मचारियों को उत्पीड़न से कैसे निपटना है, इसके बारे में जरूर बताना चाहिए.

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फंग का कहना है कि अपने दुखद अनुभवों की वजह से वह यूनियन में शामिल हुई हैं. फंग ने बताया कि एक पायलट ने अभद्र तरीके से उन्हें उस समय छुआ था जब वह इस नौकरी में नयी थीं. उनका कहना है कि घटना के समय कैबिन प्रबंधक ने मामले में हस्तक्षेप करने के बजाय उन्हें ही ‘टाइट स्कर्ट’ पहनने की शिकायत करने की धमकी दी. इसके बाद उन्होंने स्कर्ट पहनना ही बंद कर दिया. वह अभी एक यूरोपीय एयरलाइन में काम करती हैं. इस स्थिति को बदलने की मांग पूरी दुनिया में बढ़ रही है. यहां तक कि महिला चालक दल के सदस्यों के मेकअप और कपड़ों में भी विकल्प को जोड़ने की मांग बढ़ी है.