कैसे ग्रीनलैंड ने द्वितीय विश्व युद्ध में की थी अमेरिका का मदद? न देता ये मिनरल तो क्या होता?

Greenland: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने डेनिश इलाके ग्रीनलैंड की रक्षा के लिए अपनी सेना तैनात की थी.

Published date india.com Published: January 23, 2026 2:43 PM IST
कैसे ग्रीनलैंड ने द्वितीय विश्व युद्ध में की थी अमेरिका का मदद? न देता ये मिनरल तो क्या होता?
(photo credit AI, for representation only)

Greenland: दूसरे विश्व युद्ध के दौरान डेनमार्क नाजी जर्मनी के कब्जे में आ गया था. तब अमेरिका ने ग्रीनलैंड की रक्षा की थी और बाद में बिना कुछ मांगे वह इलाका वापस कर दिया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार ये दावा किया है. पर शायद ट्रंप इतिहास में दर्ज एक बड़ी बात भूल गए है.

ग्रीनलैंड की रक्षा के बदले में, डेनमार्क ने अमेरिका को क्रायोलाइट नाम का एक दुर्लभ खनिज दिया था, जो युद्ध के समय एल्यूमीनियम उत्पादन के लिए जरूरी था. यानी अगर अमेरिका और उसके सहयोगियों को यह कीमती और बेहद दुर्लभ संसाधन न मिलता तो वे लड़ाकू विमानों का उत्पादन नहीं कर पाते.

ट्रंप को इसी तरह का खनिज तो चाहिए

ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वह ग्रीनलैंड के खनिज संसाधनों का इस्तेमाल करने और इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहनों, मेडिकल उपकरणों जैसी चीज़ों में इस्तेमाल होने वाले दुर्लभ-पृथ्वी खनिजों पर चीन की पकड़ को कम करने के लिए ग्रीनलैंड के साथ एक डील चाहते हैं. पर वह भूल गए क 1940 के दशक में, ग्रीनलैंड ने उस समय के लिए एक और भी दुर्लभ संसाधन दिया था.

हवाई ताकत से ही हुई थी मित्र देशों की जीत

विशेषज्ञ मानते हैं कि दूसरे विश्व युद्ध में मित्र देशों की जीत कई मायनों में इसलिए हुई क्योंकि मित्र देशों की सेनाओं के पास धुरी देशों की तुलना में हवाई ताकत बहुत ज़्यादा थी. पर विमान बनाने के लिए एल्यूमीनियम की जरूरत होती है. उस दौर में एल्यूमीनियम बिना क्रायोलाइट के नहीं बनता था. सिर्फ एक ही जगह, ग्रीनलैंड के इविटूट शहर में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध था.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

यह किस्सा बताता है कि ग्रीनलैंड ने मित्र देशों की जीत सुनिश्चित करने में निभाई थी, और ट्रंप बिल्कुल गलत हैं जब वह कहते हैं कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की रक्षा के लिए कुछ नहीं मिला.

क्या है क्रायोलाइट

क्रायोलाइट, जिसे सोडियम हेक्साफ्लोरोएलुमिनेट के नाम से भी जाना जाता है. एक दुर्लभ खनिज है जो रंगहीन से सफेद और पारदर्शी दिखता है, जो बर्फ जैसा होता है. इसका नाम ग्रीक शब्द “क्रायोस” (पाला) और “लिथोस” (पत्थर) से लिया गया है.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.