अमेरिका की होर्मुज नाकेबंदी से रोज कितने का हो रहा नुकसान? सिर्फ ईरान नहीं, कई देशों की टूट जाएगा कमर

Hormuz Blockade: ईरान का 90 प्रतिशत से अधिक तेल फारस की खाड़ी के अंदर स्थित खर्ग द्वीप से होकर गुजरता है.

Published date india.com Published: April 14, 2026 2:23 PM IST
अमेरिका की होर्मुज नाकेबंदी से रोज कितने का हो रहा नुकसान? सिर्फ ईरान नहीं, कई देशों की टूट जाएगा कमर
(photo credit AI, for representation only)

Hormuz Blockade: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरानी बंदरगाहों की अमेरिका की नाकेबंदी कर दी है. अमेरिकी विशेषज्ञों का दावा है कि इससे ईरान को हर दिन 435 मिलियन डॉलर या 4,081 करोड़ रुपये तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है.

दूसरे देश भी चपेट में आएंगे

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार से शुरू हुई अमेरिकी नाकेबंदी तेल, उर्वरक, भोजन और अन्य सामानों के प्रवाह को और बाधित कर सकती है. इससे कई जगहों पर और अधिक महंगाई बढ़ सकती है.

जास्क टर्मिनल से भी ईरान भेज सकता है सामान

विश्लेषकों ने बताया है कि ईरान का संभावित नुकसान कई अज्ञात कारकों पर निर्भर करती है. सबसे पहले निर्भर करेगा कि अमेरिका की नाकेबंदी कितनी अभेद्य साबित होती है. तेहरान किस हद तक होर्मुज जलक्षेत्र के बाहर, जास्क टर्मिनल के माध्यम से तेल निर्यात को दूसरे रास्ते से भेज सकता है.

Hormuz iran

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एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका की नाकेबंदी के बावजूद चीन का एक टैंकर होर्मुज को पार कर गया है.

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अल्पकालीन नुकसान नहीं होगा

Kpler के अनुसार, मार्च के अंत तक, ईरान के पास नाकेबंदी से प्रभावित खाड़ी क्षेत्र के बाहर लगभग 154 मिलियन बैरल तेल समुद्र में तैर रहा था. अल्पकालीक नुकसान की भरपाई उस ईरानी तेल से हो जाएगी जो पहले से ही समुद्र में मौजूद है.

किसका अनुमान

ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय के एक पूर्व अधिकारी, मियाद मालेकी ने बताया, ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी से ईरान को हर दिन लगभग 435 मिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान होगा. नुकसान में निर्यात में हुई लगभग 276 मिलियन डॉलर की कमी शामिल है, जिसमें मुख्य रूप से कच्चा तेल और पेट्रोकेमिकल्स शामिल हैं.

कैसे लगा ये अनुमान

मालेकी के अनुमान इस आधार पर हैं कि ईरान प्रतिदिन 1.5 मिलियन बैरल तेल का निर्यात कर रहा है, जिसकी कीमत युद्धकालीन दर पर लगभग $87 प्रति बैरल है.

बता दें कि इस नाकेबंदी के लिए मध्य-पूर्व में अमेरिका के 16 युद्धपोत तैनात हैं, लेकिन एपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फारस की खाड़ी में जो ईरान की अधिकांश तटरेखा बनाती है फिलहाल कोई भी युद्धपोत मौजूद नहीं है.

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