मुंबई. अप्रवासियों को मोटी सैलरी देने के मामले में वैश्‍विक स्‍तर पर मुंबई ने लंदन और न्‍यूयॉर्क जैसे शहरों को पीछे छोड़ दिया है. एक सर्वे में सामने आया है कि देश की आर्थिक राजधानी एशिया-पैसिफिक रीजन का यह शहर विदेशियों की पहली पसंद बन गया है. हाल में एचएसबीसी के सर्वे ने मुंबई को टॉप पर रखा है.

सर्वे ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि मुंबई में औसतन विदेशी औसत सालाना 217,165 डॉलर (करीब 1 करोड़ 40. 56 लाख रुपए) कमा रहे हैं. यह करीब वैश्विक स्‍तर पर औसत दोगुनी डॉलर 99,903 (करीब 64 लाख 66 हजार रुपए) है.

एचएसबीसी का सर्वे 159 देशों के 27,500 विदेशियों पर किया गया है, जो दुनिया के 52 बड़े शहरों में काम कर रहे हैं. सबसे आश्‍चर्यजनक है कि लिस्‍ट के टॉप स्‍लाट में एशियाई शहरों में शंघाई की रैकिंग चौथी, जकार्ता 8वें और हांगकांग की 9वें स्‍थान पर हैं. सिंगापुर और कुअलालंपपुर ने 15 टॉप में भी जगह नहीं बना सके.

अगर यूरोप की बात करें तो विदेशियों को मोटी सैलरी देने के मामले में सिर्फ दो शहर ज्‍यूरिख और जेनेवा ही टॉप रैंक में जगह बना सके. ज्‍यूरिख सैलरी देने वाला तीसरा सबसे बड़ा और जेनेवा पांचवें स्‍थान पर है. ज्‍यूरिख दुनिया के टॉप बैंकों के लिए जाना जाता है, जहां क्रेडिट सुइसे ग्रुप एजी और यूबीएस ग्रुप एजी हैं. एचएसबीसी की लिस्‍ट में बर्लिन और प्राग 52 वें स्‍थान पर हैं.