कराची: पाकिस्तान के अशांत क्वेटा शहर में शुक्रवार तड़के एक सब्जी बाजार में हुए बम विस्फोट में कम से कम 16 लोग मारे गए जबकि 30 अन्य घायल हो गए. मारे गये लोगों में से कई हजारा समुदाय के थे.पुलिस ने कहा कि सुबह करीब साढ़े सात बजे एक इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) धमाका हुआ. उसे बाजार में सब्जियों के बीच छिपा कर रखा गया था. मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

जियो न्यूज ने बताया कि बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के हजारागंजी इलाके में हुए बम विस्फोट में मारे गये लोगों में से कम से कम आठ लोग हजारा समुदाय के थे. सुरक्षा बलों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

क्वेटा के डीआईजी अब्दुल रजाक चीमा ने मीडिया को बताया कि फ्रंटियर कॉर्प (एफसी) के एक अधिकारी समेत 16 लोगों की जान गई है. विस्फोट में हजारा समुदाय को निशाना बनाया गया था. अधिकारी ने बताया कि हमले में तीस अन्य लोग घायल हुए हैं. उनका इलाज किया जा रहा है. घायलों में चार एफसी कर्मी भी शामिल हैं.

पुलिस ने कहा कि विस्फोट में आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है. सुरक्षा बलों ने विस्फोट स्थल की घेराबंदी कर दी है. किसी भी समूह ने अब तक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. प्रधानमंत्री इमरान खान ने हजारागंजी में हुए विस्फोट की निंदा की और घटना पर रिपोर्ट मांगी है.

डीआईजी अब्दुल रज्जाक चीमा ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की और डॉन न्यूज को बताया कि मृतकों में सात हजारा समुदाय के हैं, जिन्हें सांप्रदायिक हिंसा का निशाना बनाया गया है, क्योंकि वे अपनी विशिष्ट शारीरिक बनावट के कारण आसानी से पहचाने जा सकते हैं. पुलिस ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई घायलों की हालत गंभीर है.

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जाम कमाल ने हमले की कड़ी निंदा की है और आश्वासन दिया है कि हमले में शामिल तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा. कमाल ने कहा, ”जिन लोगों की चरमपंथी मानसिकता है, वे समाज के लिए एक खतरा हैं.” उन्होंने कहा, “हमें शांति को बाधित करने की साजिश को जरूर नाकाम करना चाहिए.”

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनसीएचआर) द्वारा पिछले साल जारी एक रिपोर्ट में कहा गया कि जनवरी 2012 से दिसंबर 2017 तक क्वेटा में आतंकवाद की विभिन्न घटनाओं में हजारा समुदाय के 509 सदस्य मारे गए और 627 घायल हुए.