India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर जारी बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सहयोगी ने बड़ा दावा किया है. अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड ल्यूटनिक ने कहा है कि उन्होंने एक डील सेट की थी, लेकिन यह फाइनल नहीं हो पाई क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया.
क्या है ल्यूटनिक का पूरा बयान
ल्यूटनिक ने उद्यमी चमाथ पालिहापिटिया के साथ एक पॉडकास्ट इंटरव्यू किया. उन्होंने कहा, यह सब सेट था, लेकिन मैंने कहा कि मुझे मोदी से राष्ट्रपति को फोन करवाना होगा. वे ऐसा करने में असहज थे, इसलिए मोदी ने फोन नहीं किया. ल्यूटनिक ने बाद में कहा कि भारत और अमेरिका एक डील को फाइनल करने के बहुत करीब थे, लेकिन नई दिल्ली “सी-सॉ के गलत तरफ” थी.
‘मैंने उनसे ज्यादा रेट पर बातचीत की‘
ल्यूटनिक ने यह भी कहा कि अमेरिका ने आने वाले हफ्ते में इंडोनेशिया, वियतनाम और फिलीपींस जैसे देशों के साथ कई डील कीं, लेकिन भारत के साथ वाली डील तो उससे भी पहले होने वाली थी. लटनिक ने कहा, भारत का (डील) उनसे (दूसरे देशों से) पहले होने वाला था. मैंने उनसे ज्यादा रेट पर बातचीत की.
(photo credit reuters, for representation only)
टैरिफ 10 गुना बढ़ने की आशंका
ट्रंप के सहयोगी की यह टिप्पणी तब आई है जब कुछ दिन पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि अगर भारत “रूसी तेल मुद्दे” पर मदद नहीं करता है तो वह भारत पर मौजूदा टैरिफ बढ़ा देंगे. इसे 10 गुना बढ़ाकर 50 फीसदी से 500 तक किया जा सकता है.
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पिछले साल अगस्त में अमेरिका ने नई दिल्ली के मॉस्को के साथ तेल व्यापार का हवाला देते हुए भारत पर 50% टैरिफ लगाया था. तब से अमेरिकी प्रशासन भारत और रूस एनर्जी व्यापार को रोकने के लिए भारी ड्यूटी का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, भारत ने हमेशा यह बनाए रखा है कि उसके एनर्जी डील बाजार की जरूरतों से तय होती है.
क्या है भारत का रुख
अक्टूबर में, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यह भी साफ किया था कि क्षणिक दबाव में किसी डील पर बातचीत करने का कोई सवाल ही नहीं है. भारत बातचीत के लिए खुला है लेकिन डेडलाइन के लिए नहीं. हम डेडलाइन या सिर पर बंदूक रखकर डील नहीं करते हैं.
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