वॉशिंगटन: जम्मू के कठुआ में आठ साल की एक बच्ची से बलात्कार के बाद उसकी जघन्य हत्या को ‘वीभत्स’ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी भारतीय पदाधिकारी इस पर ज्यादा ध्यान देंगे. लगार्ड ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब जम्मू-कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बलात्कार के मामलों पर देशव्यापी आक्रोश है.

आईएमएफ की प्रबंध निदेशक ने कहा, ‘‘ भारत में जो कुछ हुआ है वह वीभत्स है. मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुरू कर सभी भारतीय पदाधिकारी इस पर ज्यादा ध्यान देंगे क्योंकि भारत में महिलाओं के लिए यह जरूरी है.’ लगार्ड ने कहा, ‘मैं जब पिछली बार दावोस में थी तो प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद मैंने उनसे कहा था कि उन्होंने भारत की महिलाओं का पर्याप्त रूप से जिक्र नहीं किया और सवाल सिर्फ उनके बारे में बातें करने का नहीं है.’ उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि यह आईएमएफ की नहीं बल्कि उनकी निजी राय है. लगार्ड ने कहा, ‘वैसे यह आईएमएफ की आधिकारिक राय नहीं है. यह मेरी राय है.’

लंदन में पीएम ने कठुआ गैंगरेप पर दिया बयान, लाल किले से कही बात को भी दोहराया

भारत में चुनावी वर्ष में जारी नहीं रह पाएगी आर्थिक सुधारों की रफ्तार
क्रिस्टीन लेगार्ड ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि चुनावी साल में भारत में आर्थिक सुधारों की रफ्तार कायम रह पाएगी. अंतरराष्ट्रीय वित्त संगठनों की बैठक के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में लेगार्ड ने कहा, ‘हमने इसे देखा और हम इसे देख रहे हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि अगले कुछ महीनों में हम ऐसा देखेंगे. चुनाव आ रहे हैं.’

कठुआ गैंगरेप: ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के ब्रैंड एंबेसडर अमिताभ बच्चन ने कहा, बात नहीं कर सकता- घिन आती है

उन्होंने कहा कि चुनावी साल में आर्थिक सुधारों की रफ्तार कायम नहीं रह पाएगी. उन्होंने कहा, ‘चाहे आप जीएसटी की बात करें या दिवाला कानून पर सुधारों की , ये अच्छे सुधार हैं. हम और सुधार चाहते हैं चाहे वे बैंकिंग क्षेत्र में हों या किसी अन्य क्षेत्र में.’ आईएमएफ ने मंगलवार को कहा था कि 2018 में भारत की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहेगी जो 2019 में बढ़कर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी.

(इनपुट भाषा)