वॉशिंगटन: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) पाकिस्तान को कोई भी ऋण देने से पहले उसकी कर्ज भुगतान क्षमता का आकलन करेगा. आईएमएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. Also Read - ICC Test Team Rankings: टेस्ट रैंकिंग में टॉप पर भारत, इन 3 टीमों को भारी नुकसान

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दरअसल, पाकिस्तान ने IMF से आठ अरब डॉलर के राहत पैकेज की मांग की है. इस संबंध में अहम चिंता यह है कि कहीं पाकिस्तान इस राशि का उपयोग अपने ऊपर चीन के ऋण को कम करने के लिए ना करे. ऐसे में IMF की ओर से उसकी कर्ज भुगतान क्षमता गहन तरीके से छानबीन करने की बात काफी अहम हो जाती है. Also Read - Zimbabwe vs Pakistan, 1st Test: पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को पारी से हराया, तीन दिन के अंदर जीता मैच

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पाकिस्तान ने इस राहत पैकेज की मांग अपने नकदी संकट और भुगतान संकट से निपटने के लिए की है. उसकी अर्थव्यवस्था अभी बेहद बुरे दौर में है. आईएमएफ के संचार निदेशक गैरी राइस ने गुरुवार को कहा, ‘‘ किसी देश की कर्ज क्षमता का उचित आकलन कराने के लिए उस देश के कर्ज पर पारदर्शिता अनिवार्य तत्व है. जब भी हम अपने सदस्य देशों के साथ इस तरह के कार्यक्रम में प्रवेश करते हैं तो इस तरह का विश्लेषण किया जाता है. पाकिस्तान के मामले में भी करेंगे.’’

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अमेरिका पहले ही आईएमएफ और पाकिस्तान के बीच राहत पैकेज को लेकर चल रही बातचीत पर नजर रखे है. उसने बता दिया है कि वह इस राशि का चीन का कर्ज उतारने के लिए उपयोग नहीं होने देने की हरसंभव कोशिश करेगा. अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय मामलों के कोष के उप मंत्री डेविड मालपास ने सांसदों को बताया, ‘‘हम आईएमएफ के साथ काम कर रहे हैं और हमने उसे स्पष्ट कर दिया है कि यदि वह पाकिस्तान को कोई मदद देता भी है तो यह तय करे कि इसका उपयोग चीन के ऋण के भुगतान के लिए नहीं होगा.’’ मालपास ने कहा कि अमेरिका यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि पाकिस्तान अपने आर्थिक कार्यक्रम को बदले ताकि वह भविष्य में फिर से बर्बाद ना हो.