वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव से पास हो गया है. चुनावी प्रतिद्वंदियों की छवि खराब करने लिए यूक्रेन से मदद मागने के विवाद के बाद बाद स्पीकर नैन्सी पॉलोसी ने डोनाल्ड ट्रंप पर पद का दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए महाभियोग लाने की बात की थी. गुरुवार को 6 घंटे तक चर्चा के बाद जब मतदान हुआ तो सत्ता के दुरुपयोग के आरोप में प्रस्ताव 197 के मुकाबले 229 मतों से पास हुआ है.

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति पर आरोप है कि उन्होंने 2020 के चुनावों के लिए अपने प्रतिद्वंदिओं की छवि को धूमिल करने के लिए यू्क्रेन से गैरकानूनी तरह से मदद मांगी थी. महाभियोग का प्रस्ताव निचले सदन से पारित हो जाने के बाद अब ऊपरी सदन सीनेट में केस चलेगा और सीनेट में उनकी पार्टी को बहुमत है.

प्रस्ताव पारित होने के बाद ह्वाइट हाउस की तरफ से बयान आया जिसमें कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को इस बात की पूरी उम्मीद है कि सीनेट महाभियोग की प्रक्रिया को सही तरह से पूरी करेगी. ह्वाइट हाउस के बयान में यह भी कहा गया कि हाउस ऑफ रिप्रेजेटिटिव में निष्पक्ष तरह से इसकी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया.

न्यायिक समिति के चेयरमेन जेरी नाडलेर के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ दो मुख्य रूप से दो गंभीर आरोप हैं जिनमें पहला यह कि उन्होंने अपनी ताकत और सत्ता का दुरुपयोग किया है और दूसरा यह कि उन्होंने संसद के काम में बाधा डाली है. ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक लाभ के लिए यूक्रेन को मिलने वाली आर्थिक मदद को रोक दिया था ताकि वह दूसरी पार्टी के नेताओं की छवि को खराब करने में उनकी मदद करे.

बता दें हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन के पास बहुमत नहीं है. यहां डेमोक्रेट्स का नियंत्रण है. डोनाल्ड ट्रंप एक ही तरीके से अब कुर्सी से हट सकते हैं अगर कम से कम 20 रिपब्लिकन सांसद उनके खिलाफ बगावत कर दें. लेकिन इसकी संभावना काफी कम है.