इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ननकाना साहिब में हाल ही में हुई तोड़फोड़ की घटना की निंदा करते हुए रविवार को कहा कि यह उनकी ‘सोच’ के खिलाफ है और उनकी सरकार का इस मामले में रुख कतई बर्दाश्त नहीं करने वाला है. गुरद्वारा ननकाना साहिब लाहौर के पास है जिसे गुरद्वारा जनम अस्थान के नाम से भी जाना जाता है. यह सिखों के प्रथम गुरू नानक देव का जन्मस्थान है. Also Read - पाकिस्तान ने लॉन्च किया अपना 'हॉल ऑफ फेम', पहली बार में शामिल होंगे ये 6 महान खिलाड़ी

खबरों के अनुसार, शुक्रवार को हिंसक भीड़ ने गुरद्वारे पर हमला और पथराव किया. पुलिस ने हालात पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई की. घटना पर चुप्पी तोड़ते हुए खान ने भारत में मुस्लिमों तथा अन्य अल्पसंख्यकों पर हमले होने का आरोप लगाया और कहा कि इनके तथा ननकाना साहिब की निंदनीय घटना के बीच बड़ा अंतर है. Also Read - भारत से कपास और चीनी आयात नहीं करेगा पाकिस्तान, मुद्दे को कश्मीर से जोड़ा

उन्होंने इस घटना का जिक्र करते हुए ट्वीट किया, ‘‘यह घटना मेरी सोच के खिलाफ है और पुलिस तथा न्यायपालिका समेत सरकार की ओर से इस पर कतई बर्दाश्त नहीं वाला रुख रहेगा.’’ खान ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘‘की सोच अल्पसंख्यकों को दबाने और मुस्लिमों पर लक्षित हमलों का समर्थन करने वाली है’’. Also Read - प्रधानमंत्री मोदी के खत का इमरान खान ने दिया जवाब, कश्मीर मुद्दे पर कही यह बात...

भारत ने ननकाना साहिब की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाकिस्तान सरकार से वहां सिख समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है. शनिवार को भारत में कई संगठनों और दलों के नेताओं ने ऐतिहासिक गुरद्वारे पर भीड़ के हमले की निंदा की और इसे ‘कायराना’ तथा ‘शर्मनाक’ कृत्य बताया.

(इनपुट भाषा)