इस्लामाबाद : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को कहा कि वह भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की जमीन का देश के बाहर आतंकवाद फैलाने के लिए इस्तेमाल होने की इजाजत देना हमारे हित में नहीं है. Also Read - PM Narendra Modi Fitness: प्रधानमंत्री मोदी के 70वें जन्मदिन पर जानें खुद को कैसे फिट रखते हैं पीएम, जानें उनका फिटनेस सीक्रेट

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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि जब तक सीमा पार से आतंकवादी गतिविधियां नहीं बंद होती है तब तक पाकिस्तान के साथ वार्ता की संभावना नहीं है. खान ने भारतीय पत्रकारों के एक समूह से बातचीत के दौरान कहा,‘‘देश के बाहर आतंकवाद फैलाने के लिए पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल करने की इजाजत देना हमारे हित में नहीं है.’’ Also Read - Independence Day: बेटियों की शादी की उम्र में हो सकता है बड़ा बदलाव, PM मोदी ने दिए संकेत

इमरान गुरुवार को अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने का जश्न मना रहे थे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लोग भारत के साथ अमन चाहते हैं तथा उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात और बात करने में खुशी होगी. खान ने कहा,‘‘यहां के लोगों की मानसिकता बदल चुकी है.’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या कश्मीर मुद्दे का समाधान संभव है तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘कुछ भी असंभव नहीं है.’’ उन्होंने कहा,‘‘ मैं किसी भी मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार हूं. कश्मीर का हल एक सैन्य समाधान नहीं हो सकता.’’

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खान ने बुधवार को पाकिस्तान के करतारपुर में करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखी थी. पाकिस्तान इस गलियारे को सद्भावना प्रयास के रूप में पेश कर रहा है. गलियारे के शिलान्यास समारोह को कवर करने पाकिस्तान आये भारतीय पत्रकारों से खान ने कहा,‘‘भारत में, मुझे पता है कि अधिकतर लोग इसकी सराहना कर रहे होंगे.’’ हालांकि उन्होंने कहा कि शांति के प्रयास एकतरफा नहीं हो सकते हैं. खान ने कहा,‘‘हम नई दिल्ली के संकेत के लिए भारत में होने वाले चुनावों (आम चुनावों) की प्रतीक्षा करने के लिए तैयार हैं.’’ उन्होंने मुंबई हमले के गुनाहगारों को सजा देने पर कहा, हाफिज सईद पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगा रखा है. जमात-उद-दावा प्रमुख पर पहले से ही शिकंजा कसा हुआ है.

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जमात-उद-दावा को जून, 2014 में अमेरिका ने एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था. सईद लश्कर-ए-तैयबा का सह संस्थापक है जो मुम्बई में 26 नवम्बर 2008 को हुए हमले के लिए जिम्मेदार है. इन हमलों में 166 लोगों की मौत हुई थी. मुम्बई हमलों के बाद सईद को नजरबंद किया गया था लेकिन 2009 में अदालत ने उसे रिहा कर दिया था. भारत, पाकिस्तान से 2008 के मुम्बई हमलों के षडयंत्रकर्ताओं को दंड़ित किये जाने की मांग करता रहा है.