Imran Khan To Move Hospital Ordered Pakistan Supreme Court: जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की हालत सही नहीं है. उनकी सेहत से जुड़ी याचिका की सुनवाई करते हुए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि उन्हें अगले 48 घंटों में जेल में भर्ती कराया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि पूर्व प्रधानमंत्री को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जाए और 16 सितंबर तक यहीं रहेंगे.
क्रिकेटर से राजनीति की पिच पर आए 73 वर्षीय इमरान खान अपने देश में चुनाव जीतकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे. वह अगस्त 2018 से अप्रैल 2022 तक (3 साल 7 महीने) मुल्क के प्रधानमंत्री रहे. इस पद पर रहते हुए उन पर भ्रष्टाचार समेत कई अन्य गंभीर मामलों में केस दर्ज हुए और वह 2023 से देश की अडियाला जेल में बंद हैं. इमरान खान की पार्टी और उनके परिजनों का आरोप है कि जेल में उनसे किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा. इस बीच समय-समय पर उनकी मौत की अफवाहें भी पाकिस्तान में उड़ती रही हैं.
हाल में एक सीनयर पत्रकार ने यह दावा किया था कि उसे पाकिस्तानी आर्मी के हेडक्वॉर्टर में तैनात कुछ अधिकारियों से गोपनीय तौर पर मालूम चला था कि इमरान खान अब दुनिया में नहीं रहें. हालांकि बाद में उसने ही इन दावों को खारिज कर दिया था. इससे पहले पिछले साल भी उनकी मौत को लेकर मीडिया में खबरें उड़ने लगी थीं.
इस बीच उनकी पार्टी और परिजन एक बार फिर अपने नेता की सेहत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लेकर पहुंचे थे, जहां कोर्ट ने उन्हें हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का निर्देश देकर थोड़ी राहत जरूर दी है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने यह कहते हुए इस फैसले का स्वागत किया है कि यह फैसला बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था.
इमरान खान की पार्टी PTI के प्रवक्ता जुल्फीकार बुखारी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा, ‘यह स्वागत करने वाला फैसला है लेकिन हम मानते हैं कि यह ऑर्डर पहले ही आ जाना चाहिए थे, जिससे उनकी आंख और सामान्य सेहत इतनी खराब नहीं हुई होती. उनकी सेहत को लेकर जब तक डॉक्टर संतुष्ट नहीं हो जाते, तब तक उन्हें हॉस्पिटल में ही रखना चाहिए.’
कोर्ट का यह आदेश पूर्व प्रधानमंत्री की शारीरिक और मानसिक सेहत को लेकर फिर से बढ़ रही चिंताओं के बीच आया है. उनके बेटों, सुलेमान खान और कासिम खान ने परिवार, वकीलों और डॉक्टरों से उनकी मुलाकात को लेकर बार-बार चिंता जताई है. उनके बेटों ने हाल ही में सीएनएन से बात करते हुए कहा था, ‘उनकी सेहत को लेकर हमारे पास कोई अपडेट नहीं है क्योंकि बीते 7 महीनों से उनके परिवार, डॉक्टरों और वकीलों को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है.’
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