नई दिल्ली: सार्क देशों की वीडियो कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान की तरफ से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान शामिल नहीं हुए बल्कि उन्होंने अपने स्वास्थ्य ममलों पर विशेष सहायक जफर मिर्जा को भेजा. जफर मिर्जा ने दक्षेस देशों के साथ वीडियो कांफ्रेंस संवाद में पाकिस्तान की तरफ से कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिये जम्मू कश्मीर में सभी तरह की पाबंदी को हटा लेना चाहिए. एक बेहद ही गंभीर मामले पर हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में कश्मीर का मुद्दा उठाने पर पाकिस्तान की काफी फजीहत हो रही है. Also Read - कोरोना के कारण मजदूरों का पलायन: कोर्ट ने तलब की रिपोर्ट, डर दहशत को बताया वायरस से भी बड़ी समस्या

वैसे आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस शख्स ने कश्मीर मुद्दा उठाया है उस पर अपने ही देश में 2 करोड़ मास्क की तस्करी का आरोप लगा है और जांच चल रही है. जी हां, दरअसल दुनियाभर के देशों में कोरोना वायरस लगातार पैर पसार रहा है. इस बीच पाकिस्तान में कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सबसे उपयोगी माने जा रहे फेस मास्क को लेकर ही बवाल मच गया है. पाकिस्तान में दो करोड़ फेस मास्क की तस्करी का मामला सामने आया है. तस्करी के आरोपों में स्वास्थ्य मामलों पर प्रधानमंत्री इमरान खान के विशेष सहायक जफर मिर्जा भी घिरे हैं. Also Read - Covid-19: निजामुद्दीन के मरकज में सैंकड़ों कोरोना संदिग्ध, दिल्ली सरकार ने दिया मौलाना पर FIR दर्ज करने का आदेश

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने इस तस्करी की जांच कर रही है. पाकिस्तानी जांच एजेंसी द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, एफआईए के इस्लामाबाद जोन के निदेशक को आरोपों की तुरंत जांच करने और 15 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट सौंपने और तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. Also Read - COVID-19 से दुनिया में मौतों का आंकड़ा 34,610, संक्रमण के 7 लाख 27 हजार से ज्‍यादा केस

शिकायतकर्ता के अनुसार, ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ पाकिस्तान (DRAP) के डिप्टी डायरेक्टर गजनफर अली खान की मिलीभगत से डॉ. जफर मिर्जा द्वारा कथित तौर पर पाकिस्तान से 20 मिलियन मास्क की तस्करी की गई थी.