पांडेग्लांग: इंडोनेशिया में भीषण सुनामी का कारण बने अनाक क्राकातोआ ज्वालामुखी का आकार विस्फोट के बाद दो- तिहाई घट गया है. अनाक क्राकातोआ ज्वालामुखी में विस्फोट के बाद आए गत शनिवार आई सुनामी में 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. अधिकारी ने बताया कि इंडोनेशियाई ज्वालामुखी एजेंसी के विजुअल विश्लेषण के अनुसार विस्फोट के समय की तुलना में ज्वालामुखी का आकार दो-तिहाई घट गया.

अनाक क्राकातोआ की ऊंचाई 338 मीटर थी जो अब केवल 110 मीटर रह गई है. एजेंसी ने अंदाजा लगाया है कि ज्वालामुखी में 1500-1800 लाख घन मीटर की कमी आई है. एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी वावान इरावन ने कहा, ‘‘ अनाक क्राकातोआ अब छोटा हो गया है. आमतौर पर आप उसकी चोटी वेधशाला पोस्ट से देख सकते हैं लेकिन अब वह नहीं दिख रही है.’’  गौरतलब है कि इस ज्वालामुखी के फटने के बाद आई भयानक सुनामी में कम से कम 429 लोग मारे गए थे और करीब 4000 से अधिक लोग विस्थापित हुए थे.

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अनाक क्राकाटोआ या ‘क्राकाटोआ का बच्चा’ ज्वालामुखी के फटने के बाद शनिवार 22 दिसम्बर को स्थानीय समयानुसार रात साढ़े नौ बजे दक्षिणी सुमात्रा और पश्चिमी जावा के पास समुद्र की ऊंची लहरें तटों को पार कर आगे बढ़ीं. इससे सैकड़ों मकान नष्ट हो गए. इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एवं भूभौतिकी एजेंसी के वैज्ञानिकों ने कहा कि अनाक क्राकाटोआ ज्‍वालामुखी के फटने के बाद समुद्र के नीचे मची तीव्र हलचल सुनामी की वजह हो सकती है. इंडोनेशिया की भूगर्भीय एजेंसी के मुताबिक अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी में बीते कुछ दिनों से राख उठने की वजह से कुछ हरकत होने के संकेत मिल रहे थे. यह विशाल द्वीपसमूह देश पृथ्वी पर सबसे अधिक आपदा संभावित देशों में से एक है, क्योंकि इसकी अवस्थिति प्रशांत अग्नि वलय के दायरे में है, जहां टेक्टोनिक प्लेट आपस में टकराती हैं.

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