लाहौर: पाकिस्तान की पुलिस ने तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के 100 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार किया है गिरफ्तार किए गए लोगों में इस चरमपंथी इस्लामी पार्टी के प्रमुख भी शामिल हैं जिन्होंने ईसाई महिला आसिया बीबी को अदालत से मिली रिहाई के खिलाफ रविवार को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार की अगुवाई वाली शीर्ष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने ईशनिंदा मामले में उन्हें बरी कर दिया था. संघीय सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है.

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पिछले महीने, तहरीक-ए-लब्बाक पाकिस्तान ने उच्चतम न्यायालय द्वारा ईशनिंदा मामले में आसिया बीबी को बरी किए जाने के फैसले के विरोध में बड़े पमाने पर प्रदर्शन किए थे. बता दें कि आसिया बीबी पर 2010 में पड़ोसियों के साथ विवाद में इस्लाम का अपमान करने का आरोप लगा था. चार बच्चों की मां 47 वर्षीय आसिया बार-बार खुद को बेगुनाह बताती रहीं. बावजूद इसके पिछले आठ साल में अधिकतर वक्त उन्होंने जेल में ही बिताया है. शीर्ष अदालत ने उन्हें इस मामले से बरी कर दिया था. इसके बाद इस्लामी राजनीतिक दल तहरीक-ए-लबैक पाकिस्तान के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे.

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रविवार को इस मामले में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान ने फिर से प्रदर्शन का आह्वान किया था जिसके बाद कार्रवाई करते हुई पुलिस ने ये गिरफ्तारियां की हैं. शनिवार को पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एहतियातन टीएलपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं समेत 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है जिसमें पार्टी प्रमुख खादिम हुसैन रिजवी भी शामिल हैं उसे लाहौर से पकड़ा गया है ‘

उन्होंने बताया कि सरकारी अधिकारियों की एक टीम ने शुक्रवार की देर रात रिजवी से बातचीत करके उन्हें 25 नवंबर का प्रदर्शन टालने को कहा लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इंकार कर दिया इसके बाद पुलिस ने उन्हें और अन्य कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया. संघीय सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने ट्वीट किया, “खादिम हुसैन रजिवी को पुलिस ने लाहौर से हिरासत में लिया है यह कार्रवाई उनके 25 नवंबर के प्रदर्शन को रोकने से इंकार करने के बाद की गई है यह कदम लोगों की जिंदगी, संपत्ति और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उठाया गया है’