वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को इस आवश्यकता को पुन: रेखांकित किया कि पाकिस्तान को अपने देश में मौजूद आतंकवादी संगठनों और आतंकवादियों के खिलाफ अर्थपूर्ण, ठोस और पुष्टि की जा सकने योग्य कार्रवाई करनी चाहिए. Also Read - PM नरेंद्र मोदी का नया रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक रहने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने

अमेरिका ने मसूद अजहर को ब्‍लैक लिस्‍ट में डालने के लिए यूएन में मसौदा प्रस्ताव पेश किया Also Read - पहले शतक को याद कर सचिन तेंदुलकर बोले-उसकी नींव तो सियालकोट में ही पड़ गई थी

दोनों देशों ने शुक्रवार को यहां ‘यूएस इंडिया काउंटरटेरेरिज्म ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप एंड डेजिग्नेशंस डायलॉग’ के दौरान आतंकवादी संगठनों से पैदा होने वाले खतरों पर बात की. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के आतंकवादी विरोधी समन्वयक राजदूत नाथन सेल्स और भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव महावीर सांघवी ने किया. एक संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों देशों ने इस बात की आवश्यकता को रेखांकित किया कि पाकिस्तान को आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अर्थपूर्ण, ठोस और पुष्टि की जा सकने योग्य कार्रवाई करनी चाहिए. Also Read - PoK में चीन के खिलाफ नाराजगी बढ़ी, लोगों ने मशाल रैली नि‍कालकर किया भारी विरोध प्रदर्शन

भारत की ताकत देख चीन का शांतिपाठ, कहा- आशा है कि सभी देश अंतरिक्ष में शांति कायम रखने के लिए कार्य करेंगे

आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर दोनों देशों ने की चर्चा
बयान में बताया गया कि दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर चर्चा की और द्विपक्षीय संबंधों के इस अहम तत्व पर निकटता से समन्वय जारी रखने का संकल्प लिया. संयुक्त बयान में कहा गया कि सेल्स ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार और भारतीयों को अमेरिका के समर्थन पर जोर दिया. अमेरिका ने कहा कि वह आतंकवाद का वित्तपोषण रोकने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में भारत का स्वागत करता है.