वॉशिंगटन: भारत में एक एक कर चीनी मोबाइल ऐप्स और गेमिंग ऐप्स को बैन किया जा रहा है. इसी कड़ी में बीते कल 118 चीनी ऐप्स को भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया है. भारत सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले का अमेरिका ने स्वागत करते हुए इस कदम की सराहना की है. US अंडर सेकेट्री ञफ स्टेट फॉर इकोनॉमिक ग्रोथ, एनर्जी और एनवायरमेंट कीथ क्रैच ने सराहना करते हुए कहा कि दुनिया के बाकी देशों की भी भारत के इस आह्वान में शामिल होना चाहिए. बता दें कि भारत में अबतक कुल 224 चीनी मोबाइल ऐप्स बैन हो चुके हैं.Also Read - Tokyo Olympics 2020 Medal Count (29 July) : जापान, अमेरिका को पछाड़ चीन बना नंबर-1, भारत को दूसरे पदक का इंतजार, टॉप-10 लिस्‍ट

क्रैच ने कहा कि भारत चीन के 100 से अधिक ऐप्स पर बैन लगा चुका है. सभी स्वतंत्रता प्रेमी देशों को इस क्लीन नेटवर्क का भाग बनना चाहिए. बता दें कि भारत सरकार ने देश की सुरक्षा को लेकर चीनी ऐप्स को खतरा बताया है. इस बाबत लगातार एक एक कर चीनी ऐप्स को बैन किया जा रहा है. इससे पहले टिकटॉक और कई अन्य मोबाइल ऐप्स को बैन किया गया था जिससे चाइनीज ऐप कंपनियों को हजारों करोड़ों का नुकसान हुआ था. एक बार फिर ऐसा ही भारत सरकरा द्वारा किया गया है. Also Read - अमेरिका में एक खाली घर पर गिरा छोटा विमान, दो महिलाओं की मौत

बता दें कि काफी वक्त से अमेरिका भी चीनी मोबाइल ऐप्स पर बैन लगाने को लेकर विचार कर रहा है. बीते दिनों माइक पॉम्पिओ ने अपने बयान में टिकटॉक को लेकर कहा था कि इसपर ट्रंप प्रशासन विचार कर रही है. अमेरिकी सरकार भी अपने क्लीन नेटवर्क कार्यक्रम का विस्तार कर रही है. ऐसे में चीनी ऐप्स तथा तकनीकी वस्तुओं पर एक के बाद एक आघात किया जा रहा है. पॉम्पिओं ने कहा था कि अमेरिकी ऐप स्टोर से अविश्वसनीय चीनी ऐप को हटाना चाहते हैं. Also Read - भारत को कोविड-19 रोधी आठ करोड़ टीके देगा अमेरिका: विदेश विभाग