यरुशलम। इस्राइल की एक शीर्ष रक्षा कंपनी ने इस बात की पुष्टि की है कि भारत ने उसके साथ 50 करोड़ डॉलर का एक सौदा रद्द कर दिया है. इसके तहत स्पाटक टैंक-रोधी मिसाइलों का निर्माण किया जाना था. यह सब प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू की पहली भारत यात्रा से ठीक पहले हुआ है. 

500 मिलियन डॉलर की डील रद्द होने से भारत-इजरायल रिश्तों में आ सकती है खटास

500 मिलियन डॉलर की डील रद्द होने से भारत-इजरायल रिश्तों में आ सकती है खटास

राफेल एडवांस डिफेंस सिस्टम लिमिटेड के प्रवक्ता इशाई डेविड ने पीटीआई-भाषा से कहा कि राफेल को अब भारत के रक्षा मंत्रालय से एक आधिकारिक सूचना प्राप्त हो चुकी है जिसमें स्पाइक सौदे के रद्द होने की सूचना दी गई है. स्पाइक का इस्तेमाल दुनियाभर के 26 देश कर रहे हैं. भारत ने एक लंबी प्रक्रिया के बाद सभी रक्षा खरीद नियमों का पालन करते हुए इसका चयन किया था.

राफेल ने बयान में कहा कि यह बात ध्यान दिलाए जाने योग्य है कि राफेल के सभी मांगों पर सहमत होने के बावजूद समझौता होने से पहले ही यह सौदा रद्द हो गया है. राफेल इस निर्णय पर खेद जताता है और वह भारत के रक्षा मंत्रालय के साथ सहयोग करने की प्रतिबद्धता पर कायम रहेगा. कंपनी भारत में काम करना जारी रखेगी क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण बाजार है.

हालांकि कंपनी ने सौदा रद्द होने के कारण का खुलासा नहीं किया. बता दें कि नेतान्याहू 14 जनवरी से चार दिन की भारत यात्रा पर जा रहे हैं.