India China Border: पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच संघर्ष का मामला अंतरराष्ट्रीय मीडिया में छाया हुआ है. अमेरिकी मीडिया ने कहा है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारत के राष्ट्रवादी बाघ (Indian Nationalist Tiger) को उकसाया है. इस संघर्ष में भारत के 20 से अधिक सैनिक शहीद हुए हैं. Also Read - गलवान घाटी में 1-2 किमी तक पीछे हटे चीनी सैनिक, हथियारों से लैस गाड़ियां अब भी LAC के पास मौजूद

अखबार वाशिंगटन एग्जामिनर (Washington Examiner) में पत्रकार टॉम रोगन (Tom Rogan) ने लिखा है कि 15 जून की रात में हुआ यह संघर्ष चीन की सेना की ओर से एकतरफा यथास्थिति को बदलने की कोशिश का नतीजा था. Also Read - सितंबर-अक्टूबर तक जारी रहेगा भारत-चीन सीमा विवाद! भारतीय सेना ने भीषण ठंड झेलने वाले हजारों टेंट्स का दिया ऑर्डर

Tom Rogan ने आगे लिखा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताकत उनकी राष्ट्रवादी राजनीति है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने बड़ी चालाकी से भारत में राष्ट्रवादी सोच को घरेलू मुद्दों से हटाकर भारत की अवधारणा की ओर मोड़ा है. उन्होंने भारत को एक अहम अंतरराष्ट्रीय ताकत बनाने की बात कही है. Also Read - VIDEO: भारतीय सेना के स्वागत के लिए तिरंगा लहराते दिखे तिब्बत के लोग, कुछ ऐसा रहा नज़ारा

Tom Rogan ने इसी आधार पर लिखा है कि पीएम मोदी इस ताजा संघर्ष के कारण एक अलग तरह की चुनौती का सामना करेंगे.

उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी पर अब इस चीज का दबाव है कि वह चीन को उसी के अंदाज में जवाब दे. उनकी पार्टी भाजपा की छवि भी ऐसी है. उन्होंने फरवरी 2019 में पाकिस्तानी हमले का जवाब एलओसी पार जाकर बमबारी कर दिया था.

उन्होंने आगे लिखा है कि चीन भी पीछे हटने वाला नहीं है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारतीय पक्ष के साथ बातचीत में पीएलए के आक्रामक अधिकारियों को भेजेंगे और वह चाहेंगे कि भारत बीजिंग के साथ उसकी शर्तों पर समझौता करे. यही चीन की विदेश नीति का तरीका है.

उन्होंने यह भी लिखा है कि चीन के साथ सीमा विवाद में अमेरिका को भारत का साथ देना चाहिए. भारत और अमेरिका दोनों चीन की विस्तार नीति के पीड़ित हैं.

(इनपुट एजेंसी)