भारत ने अयोध्या, कश्मीर पर पाकिस्तानी दुष्प्रचार का दिया करारा जवाब, कहा- पाक को लगा निंदा करने का रोग

भारत ने कश्मीर मुद्दे और अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर 'गढ़े गए झूठों के जरिए भारत को बदनाम करने के जुवेनाइल प्रोपेगेंडा' के लिए पाकिस्तान को लताड़ लगाई है और भारत के मामलों में टिप्पणी करने की पाकिस्तान की 'रोगात्मक बाध्यता' की निंदा की है.

Published date india.com Updated: November 14, 2019 10:34 PM IST
Pakistan in solidarity with Kashmiris

जिनेवा: भारत ने कश्मीर मुद्दे और अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ‘गढ़े गए झूठों के जरिए भारत को बदनाम करने के जुवेनाइल प्रोपेगेंडा’ के लिए पाकिस्तान को लताड़ लगाई है और भारत के मामलों में टिप्पणी करने की पाकिस्तान की ‘रोगात्मक बाध्यता’ की निंदा की है. जनरल पालिसी डिबेट पर यूनेस्को की 40वीं आमसभा (जनरल कांफ्रेंस) में जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए एक भारतीय अधिकारी ने पाकिस्तान को लताड़ा. उन्होंने कहा कि ‘जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्रशासित प्रदेश हमेशा से हमारे रहे हैं और हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहेंगे और इसमें वे इलाके भी शामिल हैं जो अभी पाकिस्तान के जबरन व अवैध कब्जे में हैं.

अधिकारी ने कहा कि हम गढ़े गए झूठ के जरिए भारत को बदनाम करने के पाकिस्तान के जुवेनाइल प्रोपेगेंडा को खारिज करते हैं. हम भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पाकिस्तान की अवांछित टिप्पणी की निंदा करते हैं. यह फैसला रूल आफ लॉ पर आधारित है, इसमें सभी धर्मो का समान सम्मान किया गया है जो एक ऐसा विचार है जो पाकिस्तान और इसके मूल्यों से बिलकुल जुदा है. अधिकारी ने कहा कि ऐसे में पाकिस्तान की समझ की कमी कोई ताज्जुब वाली बात नहीं है लेकिन नफरत फैलाने के प्रत्यक्ष उद्देश्य के साथ हमारे अंदरूनी मामलों में टिप्पणी करने की उसकी रोगात्मक बाध्यता निंदनीय है.

अधिकारी ने कहा कि यूनेस्को की सदस्यता इसके संविधान से पूरी तरह परिचित है जिसका कहना है कि संगठन पर उन मामलों में दखल देने की मनाही है जोकि मूल रूप से उनके घरेलू अधिकार क्षेत्र में आते हैं. अफसोस है कि यूनेस्को संविधान और परंपराओं के खुलेआम उल्लंघन के साथ पाकिस्तान ने ऐसा ही दखल दिया है और हम इसे खारिज करते हैं. भारत की यह टिप्पणियां पाकिस्तान के शिक्षा मंत्री शफकत महमूद के बयान के बाद आईं जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या मामले में फैसला यूनेस्को के धार्मिक स्वतंत्रता के मूल्य से मेल नहीं खाता.

भारतीय अधिकारी ने आतंकवाद को प्रश्रय देने की पाकिस्तान की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि किस देश में 9/11 और 26/11 के आतंकी हमलों के साजिशकर्ता मिले? ओसामा बिन लादेन और मुल्ला उमर को कहां पाया गया? किस देश में हिज्बुल मुजाहिदीन, लश्करे तैयबा, जमात उद दावा जैसे आतंकी संगठन हैं? किस देश की सेना ने अलग भाषा (बांग्ला) बोलने वाले अपने ही देश के नागरिकों का संहार किया है? इन सभी सवालों का जवाब पाकिस्तान है. (इनपुट एजेंसी)

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.