Naval Exercise Milan 26: वेनेजुएला के पास सागर में भले ही अमेरिकी और रूसी जहाज टकरा रहे हों लेकिन जल्द भारत के महासागर में दोनों देश भारत के साथ खड़े होंगे. साथ ही कुल 55 देशों के जहाज मिलन-26 में भारत के साथ अपनी ताकत दिखने के लिए मौजूद होंगे.
क्या है मिलन-26
मिलन-26 एक नौसैनिक युद्धाभ्यास है. जो 15 से 25 फरवरी तक विशाखापत्तनम में होना और इसमें कुल 55 देश हिस्सा ले रहे हैं. इसमें 70 जंगी जहाजों के शामिल होने की संभावना है.
भारत का महासागर विजन
यह युद्धाभ्यास भारत के महासागर विजन का हिस्सा है, जिसका मकसद भारत को समंदर का सेनापति बनाना है, जिससे हिंद महासागर की सुरक्षा, परस्पर भरोसा और सामूहिक तौर पर समुद्री हितों की रक्षा करना है. यह युद्धाभ्यास भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का भी हिस्सा है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक ईस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने तीनों सेनाओं की सुप्रीम कमांडर द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. यह मुलाकात नई दिल्ली में हुई और इसमें संजय भल्ला की पत्नी प्रिया भल्ला भी मौजूद रहीं. इस बैठक में संजय भल्ला ने राष्ट्रपति को मिलन-26 नौसैना युद्धाभ्यास की जानकारी दी.
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विशाखापत्तनम में तीन समुद्री कार्यक्रम
भारत फरवरी 2026 में विशाखापत्तनम में तीन प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कार्यक्रमों अर्थात अंतर्राष्ट्रीय नौसैन्य बेड़ा समीक्षा (आईएफआर) 2026, बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन 2026 और हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आईओएनएस) प्रमुखों के सम्मेलन की मेजबानी करेगा. यह पहली बार है जब भारत इन तीनों प्रतिष्ठित समुद्री आयोजनों की एक साथ मेजबानी कर रहा है, जो वैश्विक समुद्री सहयोग के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण होगा. भारत दो बार पहले भी इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू की मेजबानी कर चुका है. 2001 और 2006 में.
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