वाशिंगटन : जी-20 देशों की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले डब्ल्यू-20  की एक भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान में अहम प्रगति के बावजूद वित्तीय समावेश (खासकर महिलाओं की भागीदारी के संदर्भ में) में विकास के मामले में भारत को अब भी लंबा सफर तय करना है. हालांकि वुमेन-20 ने इसके साथ ही जी-20 देशों से आग्रह किया है कि वह डिजिटल टेक्निक की पहुंच और उसके इस्तेमाल पर अलग-अलग आंकड़े जुटा कर उनका आकलन करें.

डिजिटल समावेश पर अपने पहले अनुशंसा पत्र में डब्ल्यू-20 ने जी-20 देशों से आह्वान किया कि डिजिटल सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जाए. डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल, उन तक पहुंच तथा विकास के मामले में डिजिटल लैंगिक भेद को खत्म किया जाए और इस तरह डिजिटल परिवर्तन को अधिक समावेशी बनाने के लिए समन्वित कदम उठाए जाएं. डब्ल्यू -20 की प्रवक्ता अनिता गुरुमूर्ति ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, जन-धन योजना से वर्ष 2014 से 2018 के बीच अतिरिक्त 31 करोड़ भारतीय बैंकिंग व्यवस्था में शामिल हुए, लेकिन वह अर्थपूर्ण रूप से वित्तीय प्रणाली में किस हद तक शामिल हुए हैं यह बहुत स्पष्ट नहीं है. वुमेन-20 ने इसके साथ ही जी-20 देशों से अनुरोध किया कि वह डिजिटल प्रौद्योगिकियों तक महिलाओं की पहुंच और उसके इस्तेमाल पर अलग – अलग आंकड़े जुटाए और उनका विश्लेषण करें.
( इनपुट एजेंसी )