नई दिल्ली| सरकार ने आज संसद को बताया कि भारत ने पिछले वर्ष 27 दिसंबर को चीन से आयात किये जाने वाले कम से कम 98 उत्पादों पर डम्पिंगरोधी शुल्क लगाया है. वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सी आर चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि जिन उत्पादों पर शुल्क लगाया गया है उसमें फ्लैक्स फैब्रिक, विटामिन सी, कुछ निश्चित धागे एवं रसायन शामिल हैं. Also Read - China Defense Budget 2021: चीन का रक्षा बजट पहली बार 200 अरब डॉलर के पार, भारत से तीन गुना ज्‍यादा

उन्होंने कहा कि चालू वित्तवर्ष के अप्रैल से अक्तूबर के दौरान चीन के साथ व्यापार घाटा 36.73 अरब डॉलर का रहा. उन्होंने कहा कि चीन के साथ व्यापार घाटा बढ़ने का मुख्य कारण इस तथ्य को जाता है कि भारत को चीन का निर्यात मजबूती के साथ दूरसंचार और बिजली जैसे तेजी से विकसित होते क्षेत्र की मांग को पूरा करने के लिए हो रहा है. Also Read - अमेरिकी कंपनी का बड़ा दावा, 'लद्दाख में सैन्य संघर्ष के बाद चीनी हैकरों ने मुंबई में किया था ब्लैकआउट'

विभिन्न देश डम्पिंग की जांच इस तथ्य की पुष्टि के लिए करते हैं कि क्या कम लागत पर आयात के कारण घरेलू उद्योग प्रभावित हो रहे हैं? इसके उपचारात्मक उपाय के रूप में ये देश बहुपक्षीय डब्ल्यूटीओ व्यवस्था के तहत शुल्क लगाते हैं. डम्पिंगरोधी उपाय, उपयुक्त व्यापार को सुनिश्चित करने तथा घरेलू उद्योगों के लिए प्रतिस्पर्धा के समान अवसर को सुनिश्चित करने के लिए अपनाया जाता है. Also Read - चीन में मोबाइल इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 100 करोड़ के करीब, 1 खरब 65 अरब GB डेटा हुआ इस्तेमाल