संयुक्त राष्ट्र: भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, खास तौर से राज्येत्तर तत्वों के आतंकवाद से निपटने में राष्ट्रों के बीच संकल्प और एकजुटता की कमी की बुधवार को आलोचना की. संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वैश्विक संगठन की आतंकवाद के खिलाफ रणनीति की समीक्षा से जुड़ा प्रस्ताव आम सहमति से स्वीकार किए जाने के दौरान भारत ने कहा कि आतंकवाद से निपटने में संकल्प की कमी की बड़ी वजह संकीर्ण राजनीतिक सोच है.Also Read - SA vs IND: कोरोना के तीसरे वैरिएंट के बीच भारत का साउथ अफ्रीका दौरा, कप्तान ने जताया 'बायो-बबल' कदमों पर भरोसा

संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के स्थाई उप-प्रतिनिधि तन्मय लाल ने मंगलवार को यहां कहा कि हालांकि संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल काउंटर-टेररिज्म स्ट्रैटेजी (जीसीटीएस) प्रस्ताव आम सहमति से स्वीकार किया गया है, कई देशों को लगता है कि यह दो साल पहले स्वीकार किये गए जीसीटीएस प्रस्ताव में महज तकनीकी सुधार तक सीमित है. Also Read - IND vs NZ, 2nd Test: 'निर्णायक टेस्ट' पर बारिश का साया, अभ्यास सत्र रद्द, फैंस की चिंता बढ़ी

लाल ने कहा कि किसी भी बहुपक्षीय प्रस्ताव को संतुलन बनाए रखना चाहिए , लेकिन हमें निराशा हो रही है कि प्रस्ताव में पुराने संस्करण के मुकाबले ज्यादा बदलाव नहीं है. उन्होंने कहा कि वर्षों से आतंकवादी नेटवर्क दुनिया के विभिन्न हिस्सों में लोगों को आतंकित कर रहे हैं, अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं , सीमाओं का लिहाज किये बगैर लोगों को अपने समूहों में शामिल कर रहे हैं, धन जुटा रहे हैं और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं.लाल ने कहा कि संगठन में शामिल ज्यादातर देशों ने आतंकवाद का दंश झेला है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र में हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए अर्थपूर्ण बहुपक्षीय सहयोग बनाने का केवल प्रयास कर रहे हैं. Also Read - RSA A vs IND A: भारतीय गेंदबाजों ने कसा शिकंजा, परेशानी में साउथ अफ्रीका