वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका अफगानिस्तान से 7000 मील दूर होने के बावजूद वहां आतंकवादियों से लड़ रहा है, जबकि भारत और पाकिस्तान उसके पड़ोसी होने के बावजूद ऐसा नहीं कर रहे, लेकिन एक समय आएगा जब भारत, ईरान, रूस और तुर्की जैसे देशों को भी इसके खिलाफ लड़ना होगा. ट्रम्प ने अफगानिस्तान में आईएसआईएस के फिर से उभरने संबंधी प्रश्न के उत्तर में व्हाइट हाउस में मीडियाकर्मियों से कहा कि एक समय आएगा, जब रूस, अफगानिस्तान, ईरान, इराक और तुर्की भी अपनी लड़ाई लड़ेंगे.

ट्रम्‍प कहा कि जिन देशों के आस-पास आईएसआईएस है, वे उनके खिलाफ लड़ेंगे, ”क्योंकि हम क्या अन्य 19 वर्ष वहां रहना चाहते है? मुझे नहीं लगता. इसलिए एक समय ऐसा आएगा जब अन्य देश इनके खिलाफ लड़ेंगे, जिनमें रूस, ईरान, तुर्की, इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत शामिल हैं.”

ट्रम्प ने यह बयान देने से एक दिन पहले संकेत दिया था कि युद्ध ग्रस्त अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों को पूरी तरह वापस नहीं बुलाया जाएगा और अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए किसी को वहां जरूर रखेगा कि तालिबान वहां फिर से नियंत्रण न हासिल कर सके.

ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान से 7000 मील दूर होने के बावजूद वहां आतंकवादियों से लड़ रहा है जबकि भारत और पाकिस्तान उसके पड़ोसी होने के बावजूद ऐसा नहीं कर रहे.

ट्रम्प ने कहा, देखिए, भारत वहां है. वे इससे नहीं लड़ रहे. हम लड़ रहे हैं. पाकिस्तान पड़ोसी है. वे बहुत कम लड़ रहे हैं. यह उचित नहीं है. अमेरिका 7000 मील दूर है.

अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने कहा, ” मैं आईएसआईएस के बारे में काफी कुछ सुन रहा था. हमने खलीफा का 100 प्रतिशत खात्मा किया. मैंने जब 98 प्रतिशत खात्मा किया तो मैंने कहा कि ठीक है, हम शायद अब घर जाएंगे, अब इन देशों को आने दीजिए. सब घबरा गए. उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत खात्मा कीजिए. उन्होंने कहा कि इसमें एक साल का समय लगेगा. मुझे एक महीना लगा और वे खत्म हो गए.”

ट्रम्‍प ने कहा कि अमेरिका में अभी हजारों आईएसआईए लड़ाकू कैद हैं और यूरोप को उन्हें लेना होगा. यदि यूरोप उन्हें नहीं लेता है तो उनके पास उन्हें उन देशों में छोड़ने के अलावा कोई चारा नहीं होगा, जहां से वे आए हैं. ये देश जर्मनी और फ्रांस हैं.