
Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट विशेषज्ञ हैं जिनके पास 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में, इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर अपनी सेवाएं ... और पढ़ें
India Pakistan War News: अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) की ताजा रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया में सुरक्षा की स्थिति को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है. ‘कांफ्लिकट्स टू वॉच इन 2026’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर सशस्त्र संघर्ष छिड़ने की मध्यम संभावना है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तनाव का अमेरिकी वैश्विक हितों पर भी हल्का प्रभाव पड़ सकता है. CFR की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष की सबसे बड़ी वजह सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियां बन सकती हैं. रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि यदि पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूहों द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम दिया जाता है, तो स्थिति फिर से सैन्य टकराव तक पहुंच जाएगी.
गौरतलब है कि मई 2025 में दोनों देशों के बीच चार दिनों का एक संक्षिप्त युद्ध हले ही हो चुका है. इसकी शुरुआत अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले से हुई थी, जिसमें 26 मासूमों की जान चली गई थी. इसके जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था. इस संघर्ष में पहली बार ड्रोन और आधुनिक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल देखा गया था.
मई के संघर्ष के बाद भले ही युद्धविराम हो गया हो, लेकिन दोनों देशों ने अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हाल ही में 79,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मंजूरी दी है. इसमें मुख्य रूप से आधुनिक ड्रोन, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और सटीक गाइडेड बम शामिल हैं, जो भविष्य के किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम बुरी तरह विफल रहा था. अपनी इस कमजोरी को छिपाने के लिए पाकिस्तान अब चीन और तुर्की से नए ड्रोन और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की कोशिशों में जुटा है.
भले ही जम्मू-कश्मीर में कोई बड़ा हमला न हुआ हो, लेकिन खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सर्दी में जम्मू क्षेत्र में लगभग 30 पाकिस्तानी आतंकवादी सक्रिय हैं, जो किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में हैं.
दिलचस्प बात यह है कि CFR की रिपोर्ट केवल भारत-पाक ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी 2026 में युद्ध की संभावना जता रही है. डूरंड लाइन पर बढ़ते चरमपंथी हमलों के कारण इन दोनों पड़ोसियों के बीच सशस्त्र संघर्ष की मध्यम संभावना है, हालांकि अमेरिकी हितों पर इसका प्रभाव कम रहने का अनुमान है.
CFR की यह रिपोर्ट अमेरिकी नीति निर्माताओं के लिए एक गाइड की तरह काम करती है, जो दुनिया भर के हॉटस्पॉट्स की पहचान करती है. भारत और पाकिस्तान के संदर्भ में, रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि सीमा पर शांति फिलहाल नाजुक स्थिति में है और आतंकवाद की एक छोटी सी चिंगारी 2026 में फिर से बारूद के ढेर में आग लगा सकती है.
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