नई दिल्ली. रोटी-बेटी जैसे रिवाजों से जुड़े अपने पड़ोसी देश नेपाल के साथ भारत संबंध सुधारने की दिशा में लगातार नए पहल कर रहा है. पिछले कुछ वर्षों में नेपाल में सरकारों के बदलने के साथ-साथ भारत से इसके वैदेशिक संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे थे. हाल ही में जब नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर भारत आए, उस समय भी भारत-नेपाल संबंधों के बीच गर्माहट लाने जैसे रणनीतिक सवाल सियासत के गलियारों में तैर रहे थे. नेपाल को करीब से समझने वाले जानकार बताते हैं कि यह पहाड़ी देश भारत के मुकाबले, चीन के ज्यादा करीब होता दिखने लगा था. इसलिए समय रहते भारत के लिए जरूरी है कि सामाजिक और धार्मिक रूप से करीब नेपाल के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखे. संभवतः इसीलिए अगले 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब नेपाल यात्रा पर जाएंगे तो भारत-नेपाल के बीच एक नए रिश्ते के दौर की शुरुआत होगी. पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान बिहार के रक्सौल से नेपाल की राजधानी काठमांडू के बीच रेल लाइन बिछाने की योजना को हरी झंडी मिल सकती है. विदेशी मामलों के जानकारों की मानें तो इस रेल नेटवर्क के बन जाने से भारत और नेपाल, एक-दूसरे के और करीब आएंगे.

कनेक्टिविटी बढ़ेगी तो सुधरेगा ‘कनेक्शन’
भारत से नेपाल जाने के लिए अभी बिहार के रक्सौल के अलावा भी कई रास्ते हैं. यूपी और बिहार के कई सीमावर्ती जिलों से नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है, जहां से लोगों का आना-जाना होता है. तीन साल पहले तक बिहार के जयनगर से नेपाल के जनकपुर तक नैरोगेज की ट्रेन चलती थी. लेकिन इस रूट को अभी ब्रॉडगेज में तब्दील किया जा रहा है, इसलिए इस पर ट्रेनों का चलना बंद है. वहीं, दशकों पहले तक जनकपुर के रास्ते रक्सौल के पास स्थित वीरगंज को जोड़ने वाली रेल लाइन थी. यह भी बंद है. ऐसे में भारत सरकार अगर रक्सौल से काठमांडू को रेल नेटवर्क से जोड़ देती है तो यह न सिर्फ दोनों देशों के संबंधों के सुधरने की दिशा में बड़ा कदम होगा, बल्कि चीन के साथ नेपाल के संबंध के संदर्भ में भी भारत की बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि होगी. बता दें कि चीन सरकार तिब्बत के रास्ते बीजिंग को काठमांडू से जोड़ने की योजना पर पहले से ही काम कर रही है. चीन की यह परियोजना वर्ष 2022 तक पूरी होने की उम्मीद है. वहीं, चीन अपने ‘वन बेल्ट वन रोड’ परियोजना के तहत भी नेपाल में विकास के कई कार्य कराने की दिशा में ‘प्रयासरत’ है. चीन के जवाब में भारत की रक्सौल से काठमांडू को रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना, दोनों देशों के संबंध सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा.

पीएम मोदी रक्सौल-काठमांडू रेल नेटवर्क को दे सकते हैं हरी झंडी
पीएम नरेंद्र मोदी नेपाल की दो दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को नेपाल के जनकपुर पहुंचेंगे. वे वहां के प्रसिद्ध जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे. वहीं पर उनकी मुलाकात अपने नेपाली समकक्ष केपी शर्मा ओली से होगी. इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के अनुसार पीएम मोदी अपनी नेपाल यात्रा के दौरान ही रक्सौल से काठमांडू को रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना को हरी झंडी दे सकते हैं. इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले जानकारों ने अखबार को बताया कि पीएम मोदी की हरी झंडी के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा. अगले साल की पहली तिमाही तक इस परियोजना का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बना लिए जाने की उम्मीद है. पीएम मोदी अपनी नेपाल यात्रा के दौरान इस पहाड़ी देश को और भी सौगातें देंगे. यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी, नेपाल के धार्मिक महत्व के शहर जनकपुर को भारत सरकार की परियोजना रामायण सर्किट से जोड़ने की घोषणा कर सकते हैं. साथ ही वे जनकपुर से अयोध्या तक की बस सेवा के उद्घाटन की भी घोषणा कर सकते हैं.