वाशिंगटन: अमेरिका की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा की शुरुआत करते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि रक्षा के क्षेत्र में भारत अमेरिका को एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में देखता है.

 

अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के साथ पेंटागन में द्विपक्षीय वार्ता से पहले सीतारमण ने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी के क्षेत्र में परस्पर विश्वास बढ़ रहा है. रक्षा मंत्री ने कहा कि अमेरिका की नयी सुरक्षा रणनीति में भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को दिए गए महत्व से वह बेहद उत्साहित हैं. सीतारमण ने कहा कि वर्षों में भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों की मजबूत नींव रखी गई है. भारत अमेरिका को महत्वपूर्ण रक्षा साझेदार के रूप में देखता है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर सहयोग है, इसके अलावा रक्षा, वैज्ञानिक, सह-विनिर्माण और सह-विकास तथा औद्योगिक स्तर पर भी सहयोग का स्तर अच्छा है.

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द्विपक्षीय वार्ता से बातचीत और साझेदारी को मिलेगी और तेजी
यह विश्वास जताते हुए कि द्विपक्षीय वार्ताओं से दोनों देशों के बीच बातचीत और साझेदारी को और तेजी मिलेगी, रक्षा मंत्री ने कहा कि संबंध बहुत मजबूत बने हुए हैं. सीतारमण ने कहा कि दोनों देशों के बीच हाल में हुई बैठकों ने सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ने की दोनों देशों की परस्पर इच्छा को रेखांकित किया है. उच्च-स्तरीय वार्ताएं द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और बेहतरी के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साथ मिलकर काम करने की परस्पर इच्छा को दर्शाती हैं. रक्षा मंत्री ने भारत की संवेदनशीलता पर ट्रंप प्रशासन की प्रतिक्रिया की प्रशंसा की. (इनपुट एजेंसी)