इस्लामाबाद: भारतीय मामलों में हमेशा दखल देने वाले पाकिस्तान ने कहा कि भारत अपनी मुश्किलों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराना बंद कर दे. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि भारत को अपनी समस्याओं के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराना बंद कर देना चाहिए क्योंकि उसका भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है. डॉन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक,कश्मीरी अलगाववादी नेता से बातचीत को लेकर विवादों में घिरे विदेश मंत्री ने शनिवार को यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर उन्होंने वरिष्ठ कश्मीरी अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक से टेलीफोन पर बात की तो यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है.

शर्मनाक प्रयास
गौरतलब है कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता मीरवाइज उमर फारूक से टेलीफोन पर हुई बातचीत के संबंध में विदेश सचिव विजय गोखले ने बुधवार को पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल महमूद को तलब किया था और गोखले ने सोहेल से स्पष्ट रूप से कहा था कि यह भारत की एकता को नुकसान पहुंचाने और इसकी संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करने का ‘शर्मनाक प्रयास’ है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था कि पाकिस्तान उच्चायुक्त को ‘चेताया गया’ कि पाकिस्ताऩ द्वारा इस तरह के व्यवहार का ‘प्रभाव’ होगा.

पाकिस्तान के मंत्री ने कश्मीर मसले पर मीरवाइज से फोन पर की बात, पाक उच्चायुक्त तलब

बता दें कि भारत ने पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर के मुद्दे से दूर रहने को कहा था. कुरैशी ने 29 जनवरी को मीरवाइज से ‘जम्मू एवं कश्मीर में भारत द्वारा मानवाधिकार के उल्लंघनों’ को सामने लाने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों के बारे में बताने के लिए फोन पर बात की थी. साथ ही उन्हें ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स में होने वाले सम्मेलन के लिए आमंत्रित करने के लिए फोन किया था. उन्होंने कहा, “अगर कश्मीर मुद्दा उठाया जाता है तो भारत नाराज हो जाता है, जबकि तथ्य यह है कि इस मुद्दे को सुलझाया जा सकता है.” कुरैशी ने कहा कि ‘अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में पाकिस्तान का नजरिया पेश करके भारत के असली चेहरे को बेनकाब किया जा सकता है.’

चुनाव के बाद भारत की नई सरकार से करेंगे बात, मौजूदा सरकार से कोई उम्मीद नहीं: पाकिस्तान

भारत की नई सरकार से करेंगे बात
मंत्री ने कहा कि भारत में अगला चुनाव चाहे जो भी पार्टी जीते, पाकिस्तान, भारत की नई सरकार के अच्छे व्यवहार पर समान प्रतिक्रिया करेगा. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की विदेश नीति देश की इच्छा के मुताबिक और देश के हित में होगी.” इस टेलीफोन वार्ता के बाद भारत ने 30 जनवरी को पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर के मुद्दे से दूर रहने को कहा था. (इनपुट एजेंसी)