भारत ने पाकिस्तान की तीखी आलोचना करते हुए मंगलवार को कहा कि अब वक्त आ गया है कि पड़ोसी मुल्क को आतंकवाद की मदद करने और उसे बढ़ावा देने का जिम्मेदार ठहराया जाए, साथ ही भारत ने वहां लोगों को बल पूर्वक गायब करने, न्यायेतर हत्याएं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा अल्पसंख्यकों को मनमाने ढंग से हिरासत में रखने के मामलों का जिक्र किया.Also Read - पाकिस्तान ने 'आतंकवाद विशेषज्ञ' संबंधी विदेशमंत्री जयशंकर के बयान को खारिज किया, उल्टा भारत पर ही दोष मढ़ा

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के एक सत्र में भारत ने कश्मीर का मुद्दा उठाने और एक वार्षिक रिपोर्ट पर बातचीत के दौरान भारत के खिलाफ बेसिर पैर के आरोप लगाने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की. Also Read - PFI Ban: PFI का ट्विटर अकाउंट बैन, सरकार की शिकायत के बाद Twitter India ने की कार्रवाई | Watch Video

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन के प्रथम सचिव पवन कुमार बाधे ने कहा,‘‘आतंकवाद मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन करता है और उसके सभी रूपों से कड़ाई से निपटने की जरूरत है.’’ Also Read - PFI Ban पर RSS की प्रतिक्रिया: संघ नेता इंद्रेश कुमार बोले- पीएफआई पर प्रतिबंध बहुत जरूरी था, इसका विरोध करने वाले भारत विरोधी

उन्होंने कहा,‘‘ पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय नीति के तौर पर खतरनाक और घोषित आतकंवादियों को पेंशन देता है और अपने क्षेत्र में पनाह देता है. अब वक्त आ गया है जब पाकिस्तान को आतंकवाद की मदद करने और उसे बढ़ावा देने का जिम्मेदार ठहराया जाए.’’ बाधे ने पाकिस्तान के बयान के बाद जबाव देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए यह बात कही.

(इनपुट-भाषा)