वॉशिंगटन: अमेरिका में भारत के राजदूत नवतेज सिंह सरना ने भारत की नकारात्मक छवि पेश करने के लिए अमेरिकी मीडिया की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में मौजूद विदेशी पत्रकारों में कुछ चुनिंदा खबरों को दिखाने और विकास से जुड़ी खबरों को नजरंदाज करने का चलन हो गया है. अमेरिका के एक शीर्ष थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रेटिजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में अपने संबोधन के दौरान सरना ने यह बात कही. Also Read - India China Border Fight: अमेरिकी मीडिया ने कहा- चीन ने इंडियन टाइगर को उकसाया है... अब बात जरूर बढ़ेगी

 भारत आगे बढ़ा, लेकिन यूएस मीडिया नहीं 
अमेरिका के मुख्यधारा के मीडिया में भारत की छवि के बारे में पूछे जाने पर सरना ने कहा, ”यह मुद्दा चिंता का नहीं, बल्कि तरस खाने का है. भारत आगे बढ़ चुका है, लेकिन आप नहीं.” सरना ने कहा कि अमेरिकी मीडिया चुनिंदा खबरों को दिखाता है, जबकि विकास से जुड़ी खबरों को नजरंदाज कर देता है. भारतीय राजनयिक ने कहा कि भारत की नकारात्मक छवि पेश कर अमेरिकी मीडिया अपने लोगों से अन्याय कर रहा है. Also Read - How the American Media has covered PM Narendra Modi’s visit so far | पीएम मोदी के दौरे की अमेरिकी मीडिया में धूम, बनाई ऐसी खबरें

 
भारत-प्रशांत में नियम आधारित रुख के पक्ष में भारत
भारतीय राजदूत नवतेज सिंह सरना ने कहा है कि भारत – प्रशांत क्षेत्र भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए बहुत ही महत्व रखता है. आर्थिक व राजनीतिक गतिविधियां अटलांटिक से हटकर इस क्षेत्र में केंद्रित हो रही हैं. इसके साथ ही सरना ने इस क्षेत्र को लेकर नियम आधारित रुख का समर्थन किया, ताकि सभी के लिए फायदा हो. Also Read - us media says pak cannot take indias restraint granted for long | अमेरिकी मीडिया ने की मोदी की तारीफ,भारत के संयम को हल्के में लेने की कोशिश न करे पाकिस्तान

पूरी दुनिया भारत प्रशांत क्षेत्र का बड़ा महत्व
भारतीय राजदूत सरना ने कहा कि समूचे समुद्री अर्थव्यवस्था उत्खनन व विकास के लिहाज से अभी अछूती है. उन्होंने कहा, इस भारत प्रशांत क्षेत्र का बड़ा महत्व है, न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया के लिए, क्योंकि आर्थिक व राजनीतिक गतिविधियां अब अटलांटिक से हटकर दुनिया के इस भाग में केंद्रित हो रही हैं.

शांति व संपन्नता की संभावना
भारतीय राजदूत ने कहा कि इस क्षेत्र में हर किसी के लिए शांति व संपन्नता के लिए भारी संभावना है. एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका व रुख की बात करते हुए उन्होंने आसियान के साथ भारत के रिश्तों का जिक्र किया. (इनपुट- एजेंसी)