लंदन: ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त रुचि घनश्याम ने यहां कहा कि आतंकवाद के बदले हुए स्वरूप में भारत के खिलाफ झूठा विमर्श और प्रचार फैलाया जा रहा है जिससे देश में सद्भावपूर्ण माहौल व शांति को खतरा हो और देश की प्रगति को रोका जा सके. भारतीय उच्चायोग द्वारा लंदन में सोमवार को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित वार्षिक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के सदस्यों और ब्रिटिश मंत्रियों व अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने ब्रिटेन और भारत को आतंकवाद के खिलाफ जंग समेत विभिन्न क्षेत्रों में ‘नैसर्गिक साझेदार’ बताया.

भारत की सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में धनश्याम ने कहा, ‘‘हम चार दशक से भी ज्यादा समय से सीमा पार आतंकवाद की चुनौती का सामना कर रहे हैं जिसकी वजह से हजारों निर्दोष भारतीयों की जान गई. उन्नत होती तकनीक के दौर में आतंकवाद भी बदले हुए रूप में चुनौती के तौर पर उभरा है. सद्भाव और शांति को भंग करने और प्रगति को रोकने के लिये झूठे विमर्श और प्रचार फैलाए जा रहे हैं.’’

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वहीं दूसरी तरफ नेपाल के विदेशमंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली ने कहा था कि अगर भारत बांग्लादेश के साथ सीमा विवाद सुलझा सकता है तो उनके देश के साथ क्यों नहीं. उन्होंने यह टिप्पणी दोनों पड़ोसियों के बीच सीमा को लेकर उभरे मतभेद के संदर्भ में कही. उल्लेखनीय है कि भारत ने नए केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के गठन के बाद नवंबर में नया मानचित्र जारी किया. इसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को जम्मू-कश्मीर का हिस्सा और गिलगित बाल्तिस्तान को लद्दाख का हिस्सा दिखाया गया.