वाशिंगटन: अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस स्थित उनके ओवल कार्यालय में अपना परिचय पत्र सौंपा. ओवल कार्यालय में गुरुवार को परिचय पत्र सौंपे जाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में ट्रम्प ने संधू का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अमेरिका में भारत के राजदूत के तौर पर जिम्मेदारियां निभाने में सफलता की शुभकामनाएं दीं. भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बीच कई बार हुई वार्ताओं को याद किया.’’

बयान में कहा गया है कि संधू ने ट्रम्प और प्रथम महिला का भारत के प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति की ओर से अभिवादन किया. संधू ने कहा कि पिछले तीन साल में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति की सोच एवं मार्गदर्शन से भारत एवं अमेरिका के रणनीतिक संबंध और मजबूत हुए हैं. मीडिया में जारी बयान में कहा गया कि भारतीय राजदूत ने भारत एवं अमेरिका के बीच उस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की, जो आपसी विश्वास एवं मित्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर आधारित है.

दक्षिण एवं मध्य एशिया के मामलों के लिए अमेरिका की कार्यवाहक सहायक मंत्री एलिस जी वेल्स ने ट्वीट किया, ‘‘अमेरिका के भारत के नए राजदूत तरनजीत सिंह संधू का स्वागत है. राजदूत संधू भारत एवं अमेरिका के संबंधों के मजबूत समर्थक हैं. उनका पुराना रिकॉर्ड और विशाल अनुभव हमारी साझेदारी के भविष्य के लिए लाभकारी होगा. वाशिंगटन में फिर से स्वागत है.’’ इसके जवाब में संधू ने ट्वीट किया, ‘‘धन्यवाद एलिस वेल्स. भारत एवं अमेरिका के संबंधों को और मजबूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हूं.’’

भारतीय विदेश सेवा के 1988 बैच के अधिकारी संधू इससे पहले श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त थे. उन्होंने हर्षवर्धन श्रृंगला का स्थान लिया है, जिन्हें हाल में विदेश सचिव नियुक्त किया गया है. इस हाई प्रोफाइल पद पर उनकी नियुक्ति ऐसे समय में की गई है जब भारत-अमेरिका के बीच सामरिक भागीदारी बढ़ रही है और अमेरिका द्वारा ईरान के शीर्ष कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है.

साथ ही भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भारत की संभावित यात्रा की तारीखों को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं. कोलंबो में उच्चायुक्त रहने से पहले संधू वॉशिंगटन डी.सी. में जुलाई 2013 से जनवरी 2017 तक भारतीय दूतावास के उप प्रमुख थे. वह फ्रैंकफर्ट में सितम्बर 2011 से जुलाई 2013 तक महावाणिज्य दूत रहे और विदेश मंत्रालय में मार्च 2009 से अगस्त 2011 तक संयुक्त सचिव (संयुक्त राष्ट्र) रहे.

30 वर्षों के करियर में संधू न्यूयॉर्क में जुलाई 2005 से फरवरी 2009 तक स्थायी मिशन में पदस्थ थे. उन्होंने पूर्व सोवियत संघ (रूस) में काम किया और यूएसएसआर के विघटन के बाद उन्हें यूक्रेन में नया दूतावास खोलने के लिए भेजा गया था. संधू की पत्नी रीनत संधू भी इटली में भारत की राजदूत हैं.