'बड़े तहजीब से दुश्मनों को तहस-नहस करेगी...' भारतीय सेना को मिला मेड-इन-लखनऊ ब्रह्मोस मिसाइल का पहला बैच

BrahMos Missiles: यूपी की इस ब्रह्मोस यूनिट से हर साल 80 से 100 मिसाइलों के निर्माण का लक्ष्य है.

Published date india.com Updated: April 13, 2026 2:25 PM IST
'बड़े तहजीब से दुश्मनों को तहस-नहस करेगी...' भारतीय सेना को मिला मेड-इन-लखनऊ ब्रह्मोस मिसाइल का पहला बैच
(photo credit AI, for representation only)

BrahMos Missiles: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बनी ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप भारतीय सेना को सौंप दी गई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ये जानकारी दी है. मिसाइल निर्माण का यह प्रोजेक्ट भारत और रूस का एक साझा प्रयास है.

राजनाथ सिंह ने कहा कि यह विकास देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है. स्थानीय विनिर्माण को मजबूत करने से सशस्त्र बलों को पारंपरिक और नए, दोनों तरह के खतरों का बेहतर जवाब देने में मदद मिलेगी. साथ ही मिसाइलों की यह डिलीवरी भारत की रक्षा शक्ति को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है.

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ब्रह्मोस मिसाइलों की ताकत

  • शक्तिशाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक
  • 400 से 800 किलोमीटर रेंज है ब्रह्मोस मिसाइलों की
  • जमीन, जल तथा वायुतीनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च संभव
  • प्रक्षेप पथ को बदलने में सक्षम है
  • गतिशील लक्ष्यों को भी सटीकता से भेद सकती है
  • गति 2.8 से 3 मैक और दुश्मन के रडार को चकमा दे सकती है

टाइमलाइन

  • ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट के लिए 80 एकड़ जमीन निशुल्क आवंटित
  • यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में यह आवंटन हुआ
  • इस इकाई की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 मई 2025 को शुभारम्भ किया
  • ब्रह्मोस यूनिट से हर साल 80 से 100 मिसाइलों के निर्माण का लक्ष्य

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. 2024-25 में रक्षा उत्पादन 1.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि 2025-26 में निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. आगरा और कानपुर के साथ-साथ लखनऊ को भी रक्षा विनिर्माण केंद्र घोषित किया गया है. ब्रह्मोस के साथ-साथ रक्षा से संबंधित कई अन्य कारखाने भी स्थापित किए जा रहे हैं.

भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान एक मुख्य मारक हथियार के तौर पर ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल किया. कई अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों ने इस अभियान में ‘ब्रह्मोस’ की भूमिका की सराहना की.

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