लंदन: भारतीय मूल की ब्रिटिश गृहमंत्री (गृह सचिव) प्रीति पटेल ने वादा किया है कि वह ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) में डॉक्टरों की कमी को खत्म करने के लिए भारत जैसे देशों से आने वाले चिकित्सा पेशेवरों को वीजा देने की प्रक्रिया आसान बनाएंगी. उन्होंने यह वादा आम चुनाव के प्रचार के दौरान किया. कथित एनएचएस वीजा नई अंक आधारित आव्रजन प्रणाली (पीबीआईएस) का हिस्सा है. कंजरवेटिव पार्टी ने वादा किया है कि अगर वह 12 दिसंबर के आम चुनाव में जीतती हैं तो नई व्यवस्था लागू करेगी.

प्रस्तावित व्यवस्था में प्रशिक्षित डॉक्टरों एवं नर्सों को वीजा देने की प्रक्रिया मात्र दो हफ्ते में पूरा करने और मौजूदा वीजा शुल्क 50 फीसदी कम करने की बात कही गई है. एनएचएस में काम करने वाले आव्रजकों को वीजा में प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही आव्रजन स्वास्थ्य अधिभार को वेतन से देने का विकल्प भी दिया जाएगा, जो सालाना 400 पाउंड है.

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पटेल ने कहा, ‘यह कदम ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर अंक आधारित आव्रजन प्रणाली का हिस्सा है जिससे आव्रजकों की संख्या नियंत्रित करने के बावजूद नर्स जैसे पेशेवरों के लिए दरवाजे खुले रहेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘यह दोनों तरफ से लाभदायक है. एक ओर हम अपने एनएचएस के लिए दुनिया भर से बेहतरीन प्रतिभाओं को आकर्षित कर पाएंगे और दूसरी ओर ब्रिटेन के रास्ते दुनिया के लिए खोलने के बावजूद दबाव नहीं बढ़ेगा.’ उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने जुलाई में इस योजना की घोषणा की थी.

ब्रिटेन के स्वाथ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने कहा, ‘मैं एनएचएस में दुनिया की सबसे बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराना चाहता हूं. इसलिए हम देश में प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तार कर रहे हैं और साथ ही दुनियाभर से एनएचएस के लिए प्रतिभाओं को आकर्षित करना चाहता हूं.’

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उन्होंने कहा, ‘अपनी स्थापना से ही एनएचएस ने वैश्विक स्तर पर भर्तियां की है. नई वीजा व्यवस्था से दूसरे देशों से बेहतरीन चिकित्सकों एवं नर्सों की भर्ती करना आसान होगा जिससे मरीजों को यथासंभव सर्वोत्तम सेवाएं मुहैया कराई जा सकेंगी. यह एनएचएच को आपकी हर जरूरत के लिए तैयार रखने की हमारी दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है.’