बिश्केक: किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक में भारत एवं पाकिस्तान के बीच संबंधों में तनाव के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी एक साथ नजर आए. ये मौका था बुधवार को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में विदेश मंत्रियों की बहुपक्षीय बैठक का, जिसके दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्री एक दूसरे के अगल-बगल बैठे नजर आए. Also Read - यहां एक साथ संयुक्त अभ्यास में भाग लेंगी भारत, पाकिस्तान और चीन की सेनाएं, जानिए क्या है ये कार्यक्रम

स्वराज और कुरैशी ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में हिस्सा लिया. रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने 2001 में शंघाई में शिखर सम्मेलन में एससीओ की स्थापना की थी. Also Read - पाकिस्‍तान से भारत लौटी गीता को आखिर महाराष्ट्र में मिली उसकी असली मां

वर्ष 2005 तक भारत एससीओ का पर्यवेक्षक देश रहा और 2017 में पाकिस्तान के साथ उसे इसकी सदस्यता प्रदान की गई. विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए सुषमा स्वराज मंगलवार को किर्गिज गणराज्य की राजधानी पहुंचीं.

पाकिस्तानी मीडिया की ओर से प्रकाशित तस्वीरों में अन्य विदेश मंत्रियों के साथ स्वराज और कुरैशी एक दूसरे के अगल-बगल बैठे नजर आ रहे हैं. Also Read - भारत की मेजबानी में 30 नवंबर को एससीओ नेताओं की बैठक में भाग लेंगे चीन के प्रधानमंत्री

एससीओ बैठक के लिए रवाना होने से पहले इस्लामाबाद में कुरैशी ने कहा था कि क्षेत्रीय मंच के उद्घाटन सत्र को संबोधित करने के अलावा वह अन्य देशों के अपने समकक्षों के साथ भी बैठक करेंगे.

पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा पुलवामा में 14 फरवरी को कि गए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों की मौत के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था. लोगों में इसको लेकर आक्रोश के बीच भारतीय वायु सेना ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर को गत 26 फरवरी को निशाना बनाया था.