नई दिल्ली। फ्रांस हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में भारत के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है और यह मुद्दा दोनों पक्षों के बीच होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता में प्रमुखता से उठेगा. यह बात भारत में फ्रांस के राजदूत एलेक्जेन्डर जिगलर ने आज यहां कही. जिगलर की यह टिप्पणी भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों के बीच मनीला में चार पक्षीय बैठक की पृष्ठभूमि में आई है. इन चार देशों के अधिकारियों की यह बैठक मनीला में आसियान सम्मेलन के इतर हुई थी. Also Read - चीन से कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की बात को कभी नहीं भूलूंगा: डोनाल्‍ड ट्रंप

यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल से मुकाबले के एक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. राजदूत ने कहा कि यह मुद्दा यूरोप और विदेश मामलों के लिए फ्रांस के मंत्री जीन-यवेस ली ड्रियन की आगामी शुक्रवार से होने वाली भारत यात्रा और 2018 के शुरू में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमेन्यूएल मैक्रॉन की यात्रा के दौरान भी उठेगा. 

Chinese navy eyes Indian Ocean as part of PLA’s plan to extend its reach | अब चीनी नौसेना की नजर हिंद महासागर पर

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जिगलर ने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का प्रमुख ढांचा बनाने वाले मुद्दों का बातचीत में निराकरण किया जाएगा. इनमें आईओआर, रक्षा और अंतरिक्ष में बढ़ता सहयोग शामिल है. फ्रांस के विदेश मंत्री की यात्रा से पहले संवाददाताओं को जानकारी दे रहे फ्रांसीसी राजदूत ने कहा कि वह शनिवार को जयपुर जाएंगे जहां वह चार महीने चलने वाले ‘बोंजोर इंडिया’ महोत्सव का उद्घाटन करेंगे. इस महोत्सव में अभिनय, सेमिनार और प्रदर्शनियों का आयोजन होगा. Also Read - चीन की पोल खुली, 'पहली बार' शिनजियांग में 380 हिरासत शिविरों का पता चला

हाल में आयोजित होने वाली चार पक्षीय बैठक के बारे में पूछे जाने पर फ्रांस के राजनयिक सूत्रों ने कहा कि फ्रांस बहुपक्षीय मंच में शामिल होने के खिलाफ नहीं है, वह इस क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाना चाहता है.