वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के साथ बहुमुखी संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सोमवार को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किया. साथ ही उन्होंने चीन की गतिविधियों को नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय प्रणाली को “कमजोर” करने वाला बताया. अमेरिका के चीन के साथ बिगड़ते संबंध और ट्रेड वॉर जैसी स्थितियों के बीच इस महाद्वीप पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए अमेरिका को भारत का सहयोग अपेक्षित है. बीता वर्ष भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद अहम वर्ष रहा.

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भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने में अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए, अधिनियम की धारा 204 दोनों देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक तथा सुरक्षा संबंधों को मजबूत एवं व्यापक बनाती है. बयान में ट्रंप ने अमेरिका की ताकत और सुरक्षा को बनाए रखने के संबंध में कांग्रेस का उद्देश्य साझा किया, लेकिन बाहरी, सैन्य और विदेशी मामलों में अमेरिका की नीति को निर्धारित करने या अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ कुछ कूटनीतिक पहल करने के लिए कार्यकारी शाखा की आवश्यकता संबंधी कांग्रेस की सिफारिशों को मानने की गारंटी नहीं दी.

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अधिनियम 2005 के ‘यूएस-इंडिया डिफेंस रिलेशनशिप’, ‘डिफेंस टेक्नोलॉजी एंड ट्रेड इनिशिएटिव’ (2012) की नई रूपरेखा, हिंद-प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र के लिए 2015 के संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण और साझेदारी के माध्यम से समृद्धि पर 2017 का संयुक्त वक्तव्य की प्रतिबद्धता को दोहराता है. पिछले कुछ समय से अमेरिका के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी अहम पड़ाव पर पहुंची है. (इनपुट एजेंसी)

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