इंडोनेशिया: पालू/इंडोनेशियाई बचाव कर्मियों ने शुक्रवार को सुलावेसी में आए भीषण भूकंप के बाद एक चर्च में भूस्खलन के दौरान में मारे गए 34 छात्रों के शव मलबे से बरामद किए गए, लापता 52 लोगों की तलाश जारी है. एक स्थानीय अधिकारी ने मीडिया को यह जानकारी दी. मंगलवार को भी पालू मध्यम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. Also Read - ममता बनर्जी ने पूजा पंडालों को दिए 50-50 हज़ार रुपए, नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी ने कहा- ये सही कदम

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इंडोनेशिया ने दुनिया से मांगी मदद, 1,000 से ज्यादा शवों को दफनाने के लिए खोदी सामूहिक कब्र Also Read - IPL 2020 RR vs SRH Live Streaming: कब और कहां देख सकेंगे राजस्थान-हैदराबाद मैच

बाइबल कैंप से 86 छात्रों के लापता होने की खबर

इंडोनेशिया की रेड क्रॉस की प्रवक्ता औलिया अरियानी ने एएफपी को मंगलवार को बताया कि बचाव दल को कुल 34 शव मिले हैं. सिगी बिरोमारू जिले के जोनोंग चर्च ट्रेनिंग सेंटर के एक बाइबल कैंप से 86 छात्रों के लापता होने की खबर थी. अरियानी ने बताया कि बचावकर्मियों को शवों को निकालने के लिए कीचड़ भरे कठिन रास्ते से गुजरना पड़ा और शवों को एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए करीब डेढ़ घंटे तक पैदल चलना पड़ा.

अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार

शुक्रवार की शाम को आए भीषण भूकंप और सुनामी से मध्य सुलावेसी क्षेत्र बुरी तरह से तबाह हो गया है. समुद्र के किनारे स्थित शहर में आई सुनामी से यहां की सड़कें, इमारतें, पेड़-पौधे सब बह गए. अभी तक कम से कम 844 लोगों के मरने की खबर है. लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि दूर-दराज के क्षेत्रों तक बचाव दलों के पहुंचने के बाद मरनेवालों की संख्या बढ़ सकती है. इंडोनेशिया की सेना बचाव कार्य में जुटी हुई है, लेकिन देश के राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाई है. यहां कई गैर-सरकारी संगठन कार्य में जुटे हुए हैं.

इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में आया 6.1 तीव्रता का भूकंप

मलबे में अब भी शवों के होने की आशंका

यूनाइटेड नेशन्स ऑफिस फॉर द कॉर्डिनेशन ऑफ ह्यूमेनिटेरियन अफेयर्स ने सोमवार को आगाह किया कि करीब एक लाख 91 हजार लोगों को तत्काल मदद की जरूरत है, जिनमें से 46 हजार बच्चे और 14 हजार बुजुर्ग हैं. कई ऐसे क्षेत्र अब भी हैं जो सरकार के बचाव प्रयासों के केंद्र में नहीं हैं. मलबे में अब भी शवों के होने की आशंका है. प्रशासन के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि इंडोनेशिया की गर्म जलवायु में शव तेजी से सड़ने लगते हैं जिससे घातक बीमारियां फैल सकती है. ( इनपुट एजेंसी )