जोरदार धमाके के साथ ज्वालामुखी में हुआ विस्फोट, जिंदा जल गए 3 लोग...राख से आसमान में छाया धुंध

Indonesia Mount Dukono Volcano Eruption: इंडोनेशिया के माउंट डुकोनो ज्वालामुखी में शुक्रवार को एक जोरदार धमाका हुआ है, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई है.

Written by: Rishabh Kumar
Published: May 8, 2026, 5:40 PM IST

Indonesia Mount Dukono Volcano Eruption: इंडोनेशिया में एक दर्दनाक हादसा हुआ है. यहां माउंट डुकोनो ज्वालामुखी में एक खतरनाक विस्फोट हुआ है, इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है. चेतावनी और नो-गो जोन होने के बावजूद 20 हाइकर्स पहाड़ पर चढ़ गए. इसी दौरान अचानक ज्वालामुखी विस्फोट हो गया और देखते ही देखते आसमान में राख और धुएं की वजह से धुंध छा गया. रिपोर्ट के मुताबिक कई विदेशी पर्यटक सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए खतरे को नजरअंदाज कर पहाड़ पर चढ़ गए थे.

ज्वालामुखी में जोरदार धमाका

शुक्रवार (8 मई, 2026) को यहां के माउंट डुकोनो ज्वालामुखी में जोरदार धमाका हुआ, जिसकी चपेट में तीन हाइकर्स आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, मरने वाले हाइकर्स में दो सिंगापुर के नागरिक और एक स्थानीय व्यक्ति शामिल हैं.

मरने वाले तीन हाइकर्स समेत 20 लोग पहाड़ के उस इलाके में गए थे जहां जाना बैन था. हलमहेरा द्वीप पर मौजूद इस ज्वालामुखी में विस्फोट होतो ही 10 किलोमीटर ऊंचाई जितना राख का बड़ा गुबार उठा था. आसमान में खतरनाक धुंध देख लोग सहम गए और इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

पुलिस दर्ज कर सकती है रिपोर्ट

AFP की एक रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थ हलमहेरा पुलिस प्रमुख एरलिक्सन पासारीबू ने बताया की प्रतिबंधित क्षेत्र में गए 20 हाइकर्स में 9 सिंगापुर के थे और बाकी इंडोनेशियाई नागरिक थे और अब 15 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा जा चुका है. स्थानीय पुलिस के अनुसार मृतक हाइकर्स के शव अभी भी पहाड़ पर ही हैं लेकिन दो लापाता लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. एरलिक्सन पासारी ने बताया की गाइड और एक पोर्टर को पुलिस ने हिरासत में लिया है और प्रतिबंधित इलाके में हाइकर्स को ले जाने की वजह से आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है.

चेतावनी को किया नजरअंदाज

आपको बता दें कि सेंटर फॉर वोल्केनोलॉजी एंड जियोलॉजिकल हैजार्ड मिटिगेशन (PVMBG) ने बीते साल दिसंबर में इसको लेकर पर्यटकों और पर्वतारोहियों के लिए अलर्ट जारी किया था. ज्वालामुखी के मालुपांग वारिरांग क्रेटर के 4 किलोमीटर दायरे में जाना खतरनाक हो सकता है क्योंकि वैज्ञानिकों ने वहां भूकंपीय गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी थी. लेकिन हाइकर्स ने चेतावनी और वहां लगे बोर्डों को नजरअंदाज किया था.

रिपोर्ट्स के अनुसार इंडोनेशिया में अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां बेहद ज्यादा होती हैं. क्योंकि ये प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” वाले हिस्से में आता है. यहां टेक्टोनिक प्लेटें टकराती हैं. इसके अलावा यहां पर करीब 130 सक्रिय ज्वालामुखी हैं.

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