जकार्ता: इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो ने विवाह पूर्व यौन संबंध और पुरुष समलैंगिकता को प्रतिबंधित करने वाले नए कानून को पारित करने में विलंब करने के लिए कहा है. इस विवादास्पद विधान का सार्वजनिक विरोध शुरू हो गया है. विदोदो ने शुक्रवार कहा कि आपराधिक संहिता में होने वाले इस प्रस्तावित संशोधन की विस्तार से समीक्षा होनी चाहिए. उन्होंने संसद से अगले सप्ताह खत्म होने जा रहे उसके सत्र से पहले इस प्रस्तावित कानून पर मतदान को रोक देने के लिए कहा है.

कानून में किए जा रहे इस परिवर्तन से विश्व के इस सबसे बड़े मुस्लिम देश में लाखों लोग प्रभावित होंगे. इससे समलैंगिक और विवाह से पहले या विवाहेत्तर यौन संबंध रखने वालों को जेल जाना पड़ सकता है.

जकार्ता स्थित ऑस्ट्रेलियाई दूतावास ने शुक्रवार को इंडोनेशिया की यात्रा के लिए ताजा यात्रा परामर्श जारी करते हुए आगाह किया कि यह कानून अविवाहित विदेशी पर्यटकों को संकट में डाल सकता है.

विदोदो ने टेलीविजन के जरिए संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कानून के पहलुओं के बारे में विभिन्न समूहों की आपत्ति जानने के बाद, उन्होंने यह निर्णय किया है कि इसमें से कुछ पर फिर से समीक्षा किया जाना जरूरी है. उन्होंने कहा,‘न्याय मंत्री से कहा गया कि वह मेरे विचार से संसद को अवगत करा दें और आपराधिक संहिता के अनुमोदन को स्थगित कर दिया जाना चाहिए और (उसे) पारित नहीं किया जाना चाहिए.