इंडोनेशिया त्रासदी: ग्रामीणों की जुबानी सुनामी की भयावह तस्वीरों की कहानी

अचानक पानी की तेज आवाज आई, इससे पहले कुछ समझ आता ऊंची लहरों में उसकी बाइक के साथ ही उसका घर और गांव तक बह गए...

Published date india.com Published: December 24, 2018 6:28 PM IST
इंडोनेशिया त्रासदी: ग्रामीणों की जुबानी सुनामी की भयावह तस्वीरों की कहानी
इंडोनेशिया में बिना चेतावनी आई सुनामी बहुत कुछ बहा ले गई

कैरिटा: इंडोनेशिया के तटीय क्षेत्रों में सुनामी ने भारी तबाही मचाई जिसमें अब तक 281 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है हजारों लोग घायल हैं, बहुत से लोग बेघर हो चुके हैं. बिना किसी चेतावनी के आई सुनामी के कारण जान-माल की भारी क्षति हुई है और लोगों को उस भयावह स्थिति से उबरने में समय लगेगा. कुछ ऐसे ही लोगों की जुबानी सुनामी की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी- सुनामी से अपना सब कुछ गंवा बैठे एसेप सुनारिया के अनुसार, सब कुछ ठीक था कि अचानक पानी की तेज आवाज सुनी और इससे पहले कि वो कुछ समझ पाते पानी की ऊंची लहरों में उसकी बाइक के साथ ही उसका घर और गांव तक बह गए. वहीँ विशेषज्ञों ने इंडोनेशिया के तटीय इलाकों में फिर से सुनामी की चेतावनी जारी की है.

वह हैरान था

ज्वालामुखी फटने के चलते आई सुनामी में कम से कम 281 लोग मारे गए हैं. बचावकर्मी जिंदा बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं. 42 वर्षीय सुनारिया उस आपदा के सदमे से उबरने का प्रयास कर रहा है जो बिना किसी चेतावनी के आया था. उसने याद करते हुए कहा कि ‘पानी तेज आवाज के साथ आया…. वह हैरान था…. उसे इसकी कोई उम्मीद नहीं थी क्योंकि कोई पूर्व चेतावनी नहीं थी. पहले उसने सोचा कि यह केवल ज्वार की तेज लहर है लेकिन पानी की लहर बहुत ऊंची हो गई. बताते हुए सुनारिया की आवाज कांप जाती है वो कहते हैं आनन-फानन में वो और उसका परिवार अन्य ग्रामीणों के साथ ऊंचे स्थान के लिए भागा. उस वक्त उनके तन पर पहने हुए कपड़ों के सिवा कुछ न था. वो जीवन बचाने के लिए बेतहाशा भाग रहे थे. यद्यपि वे कुछ भाग्यशाली व्यक्तियों में से थे जो बच गए.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

इंडोनेशिया में सुनामी से मरने वालों की संख्या 281 हुई, 1000 से ज्यादा घायल

अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी

अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी

भरे पानी में जीवन की तलाश

शनिवार रात में जब शक्तिशाली सुनामी आई तो उसमें कई ग्रामीण बह गए. यह सुनामी दक्षिणी सुमात्रा और जावा के पश्चिमी हिस्से में आई. विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुनामी अनाक क्राकाटोआ ज्‍वालामुखी फटने के बाद संभवत: समुद्र के नीचे मची तीव्र हलचल के कारण आई. प्रत्यक्षदर्शी सुनारिया अपनी दास्तां सुनाते हुए रो पड़ते हैं हालांकि वो खुद को भाग्यशाली मानते हैं कहते हैं ‘‘मेरा परिवार सुरक्षित है लेकिन मेरा मकान नष्ट हो गया है, गृहस्थी, संपत्ति सब कुछ समाप्त हो गया.’’ आगे का जीवन कैसे कटेगा इसकी चिंता उनकी आंखों से झलकती है. वहीँ सुनामी की त्रासदी से जीवित बची एक अन्य ग्रामीण सुनार्ती सूनी आंखों से अपने नष्ट हुए मकान के बाहर घुटने तक भर पानी में अपने सामान तलाश रही थी. जहां कल उन्हें जीवन की तलाश में दो शव मिले थे.

वो बताती हैं, ‘‘हमें कल वहां दो शव मिले.’’ साथ ही कहती हैं उनकी सौ वर्षीय मां बच गई है और ऊंचे स्थान पर सुरक्षित हैं. लेकिन घर-गृहस्थी, गांव सब नष्ट हो गया है कुछ भी नहीं बचा भविष्य की चिंता और आने वाले कल की आशंका उन्हें घेरे हुए है. वो कहती हैं अचानक ही सब कुछ तबाह हो गया जो अभी भी दुस्वप्न जैसा लगता है. जो इस त्रासदी में चले गए उन्हें श्रद्धांजलि लेकिन जो बचे हैं उन्हें इस सदमे से उबरने में खासा वक्त लगेगा.

इंडोनेशिया में सुनामी से हुई तबाही पर भारत ने जताया दुख, सुषमा स्वराज ने कहा- ‘हम आपके साथ हैं’

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.