नई दिल्ली: पीएम नरेन्द्र मोदी आज 21 को एक दिन की रूस की विदेश यात्रा पर हैं. वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आमंत्रित पर उनसे विशेष मुलाकात करने वाले हैं. रूस के सोची शहर में पीएम मोदी और प्रेसिडेंट पुतिन के बीच करीब 6 घंटे अनौपचारिक मीटिंग होगी. बता दें कि पीमए मोदी का यह चौथी रूस यात्रा है. बीते 27-28 अप्रैल में पीएम मोदी की चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग से रूस के वुहान में अनौपचारिक बातचीत हुई थी. भारत और रूस के प्रमुखों के बीच सोची में होने वाली इस बातचीत पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं.

रूस के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी प्रस्तावित बातचीत से भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार युक्त रणनीतिक भागीदारी को और अधिक मजबूती मिलेगी.

मोदी ने रूस यात्रा पर रवाना होने के रविवार शाम को एक साथ कई ट्वीट किए. इनमें उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ उनकी बातचीत द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाएंगी.पहले रूसी भाषा और फिर अंग्रेजी में किए ट्वीट में उन्होंने कहा ” मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत भारत और रूस के बीच विशेष एवं विशाधिकार युक्त रणनीतिक भागीदारी और अधिक मजबूत होगी.”

एक अन्य ट्वीट में मोदी ने रूस के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा, ” मैं सोची के कल के अपने दौरे और राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी मुलाकात के प्रति आशान्वित हूं. उनसे मिलना मेरे लिए हमेशा सुखदायी रहा है.”

इन मुद्दों पर चर्चा संभावित
– रूस के सोची शहर में सोमवार को होने वाली दोनों नेताओं की अनौपचारिक शिखर बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी
– ईरान के साथ परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने पर विशेष रूप से चर्चा होगी
-ईरान के साथ परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने से भारत और रूस पर पड़ने वाले आर्थिक असर पर विचार विमर्श होगा
-सीरिया और अफगानिस्तान के हालात, आतंकवाद के खतरे तथा आगामी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और ब्रिक्स सम्मेलन पर भी चर्चा होगी
– पीएम मोदी और पुतिन के बीच बिना किसी एजेंडे की भी बातचीत होगी
– करीब 4-6 घंटों की इस मुलाकात में द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की कम होने की संभावना

भारत-रूस के बीच तीसरे देश की भूमिका नहीं
इस बीच सूत्रों ने स्पष्ट किया कि भारत रूस के साथ अपने रक्षा सहयोग को निर्देशित करने की किसी अन्य देश को इजाजत कभी नहीं देगा. पुतिन और मोदी के बीच अनौपचारिक बैठक का मकसद दोनों देशों के बीच मैत्री और आपसी विश्वास का इस्तेमाल कर वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर के अहम मुद्दों पर आम राय कायम करना है. इस दौरान दोनों नेता भारत रूस असैन्य परमाणु सहयोग को अन्य देशों तक आगे बढ़ाने पर भी चर्चा कर सकते हैं.

(इनपुट- एजेंसी)