पेरिस: अन्तरराष्ट्रीय पुलिस संस्था इंटरपोल प्रमुख मेंग होंगवेई के लापता होने की खबर के बाद, मीडिया में आई खबरों में शनिवार को यह जानकारी दी गई कि इंटरपोल अध्यक्ष मेंग होंगवेई को उनके खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.

सितंबर के अंत से ही लापता हैं इंटरपोल के अध्‍यक्ष, फ्रांस से गए थे अपने देश चीन

बता दें कि मेंग फ्रांस के लियोन स्थित अपने घर से स्वदेश चीन के लिये रवाना हुए थे. उनकी पत्नी ने शुक्रवार को फ्रेंच पुलिस से सम्पर्क कर बताया कि उनकी सितंबर के अंत से अपने 64 वर्षीय पति से बातचीत नहीं हुई है. पूरे मामले की फ्रांस की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संस्था (International Criminal Police Organization) एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो विभिन्न देशों की पुलिस के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को पकड़ती है. मेंग का अचानक लापता हो जाना इसलिए भी संदेहास्पद था क्योंकि मेंग सिर्फ इंटरपोल के प्रमुख नहीं हैं बल्कि चीन में सार्वजनिक सुरक्षा मामलों के उप मंत्री भी हैं. एक फ्रांसीसी न्यायिक अधिकारी के अनुसार इंटरपोल के अध्यक्ष मेंग विमान में सवार हुए और चीन पहुंचे, लेकिन उसके बाद से उनका कोई अता-पता नहीं था हालांकि शनिवार को आई खबरों के हवाले से ये अनाधिकारिक तौर पर स्पष्ट हो गया है कि उन्हें हिरासत में लिया गया है.

इंटरपोल के कामकाज पर गुमशुदगी का नहीं होगा असर
लियोन स्थित इंटरपोल ने कहा कि उसके अध्यक्ष का लापता होना “फ्रांस और चीन दोनों जगह के प्रासंगिक अधिकारियों के लिये एक मामला है.” इंटरपोल के प्रमुख का पद सांकेतिक, लेकिन ताकतवर है. इंटरपोल की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि इंटरपोल के महासचिव एजेंसी के रोजाना के कामकाज को देखते हैं, ऐसे में मेंग की अनुपस्थिति से उसके कामकाज पर कोई खास असर नहीं पड़ने की उम्मीद है.

चीन इस मामले में क्या कदम उठा रहा है या नहीं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. हांगकांग से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने संकेत दिया कि मेंग चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान का ताजा निशाना हो सकते हैं. हालांकि ताजा सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि चीनी सरकार ने किसी पुराने मामले में पूछताछ के लिए मेंग को हिरासत में लिया है.

चीनी कानून के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जाता है तो ये जरूरी है कि उसके परिवार वालों को 24 घन्टे के अन्दर सूचित कर दिया जाए, लेकिन ये बात तो साफ़ है कि मेंग के मामले में ऐसा नहीं किया गया.

चीनी सरकार की हिरासत में होने की है आशंका
बताया जा रहा है कि पिछले सप्ताह चीन पहुंचने के बाद मेंग को ‘चीनी अनुशासन अधिकारी’ पूछताछ के लिये ले गए. चीन में ‘अनुशासन अधिकारी’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के जांच अधिकारियों के लिये किया जाता है जो भ्रष्टाचार और राजनीतिक विश्वासघात के आरोपों की जांच करते हैं.

पार्टी की गोपनीय आंतरिक जांच एजेंसी ‘सेंट्रल कमीशन फॉर डिसिप्लीन डिसलॉयल्टी इन्सपेक्शन’ ने अपनी वेबसाइट पर मेंग के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है और उससे टिप्पणी के लिये संपर्क नहीं हो सका.

चीनी सरकार के हितों को पूरा करने के लगे थे आरोप
मेंग इंटरपोल का अध्यक्ष बनने वाले चीन के पहले व्यक्ति हैं. उन्होंने ये पदभार 2016 में संभाला था. चीनी राजनेता को इंटरपोल जैसी प्रमुख संस्था का पदभार देना उस समय भी सवालों के घेरे में आया था, जो पूरी तरीके से निराधार भी नहीं हैं. चीन ने पहले भी इंटरपोल की लाल नोटिस का दुरुपयोग किया है.

पिछले साल भी बीजिंग और मेंग के कहने पर इंटरपोल ने गुओ वेन्गुई के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था. वेन्गुई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद अमेरिका भाग गये थे. इंटरपोल की वेबसाइट के अनुसार इस समय 77 चीनी नागरिकों के लिए रेड नोटिस जारी हैं. अब अचानक मेंग के लापता होने के बाद इस बात की भी सम्भावना जताई जा रही है कि हो सकता है चीनी सरकार मेंग को अब उपयोगी न पा रही हो और यही वजह हो कि अपने देश की जमीन पर उतरते ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया हो. फिलहाल यह बहुत स्पष्ट नहीं है कि क्यों उनके खिलाफ जांच चल रही है और उन्हें कहां रखा गया है.