इस्लामाबाद: पाकिस्तान सरकार ने पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह मामले की सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत को आज बताया कि मुशर्रफ को गिरफ्तार करने के उसके आदेश को इंटरपोल ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि वह राजनीतिक प्रकृति के मामले में दखल नहीं देना चाहती है. दुबई में रह रहे पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ देशद्रोह के मामले की सुनवाई ट्रिब्यूनल द्वारा फिर से शुरू किए जाने के बाद सरकार का यह जवाब आया है. मुशर्रफ पर देश में आपातकाल लगाकर 2007 में संविधान को निलंबित करने का मामला दर्ज है. Also Read - पाकिस्तान: कोरोना से लड़ाई में बाधा बनी तब्लीगी जमात की गतिविधियां, मुख्यालय में मिले 27 कोरोना संक्रमित

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सुरक्षा कारणों का हवाला देकर मुशर्रफ पाकिस्तान आने से कई बार मना कर चुके हैं. गृह मंत्रालय ने मुशर्रफ को देश वापस लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर जवाब देते हुए अदालत को बताया कि इंटरपोल को रेड वारंट जारी करने के लिए पत्र लिखा गया था लेकिन इंटरपोल ने यह कहते हुए पत्र वापस कर दिया कि वह राजनीतिक तरह के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी. गृह सचिव ने बताया, ‘ सरकार ने मुशर्रफ को वापस लाने के लिए इंटरपोल से संपर्क किया था लेकिन उन्होंने आग्रह नहीं स्वीकार किया.’ Also Read - कोरोनावायरस से पीड़ित पाकिस्तान के दिग्गज स्क्वैश खिलाड़ी आजम खान का निधन

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न्यायाधीश यावर अली ने अदालत में पूछा कि क्या इस मामले में मुशर्रफ का बयान स्काइप के जरिए रिकॉर्ड किया जा सकता है. अदालत ने 10 सितंबर तक के लिए इस मामले की सुनवाई स्थगित कर दी और आदेश दिया कि अगली सुनवाई में इस पर बहस होगी कि क्या मुशर्रफ का बयान स्काइप के जरिए रिकॉर्ड किया जा सकता है या नहीं अथवा जांचकर्ता बिना इसके ही आगे की जांच शुरू कर सकते हैं.