चाबहार को आई 'खरोंच' तो बौखलाया ईरान, अमेरिका से जुड़े 7 ठिकानों पर गिराईं मिसाइलें, दोस्ती करा रहे कतर को भी नहीं बख्शा
मिडिल ईस्ट में जारी हमलों के बीच ईरानी सांसद बेहनाम सईदी ने अमेरिका को धमकी दी उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान पर जमीनी हमला किया, तो उसके सैनिकों का कत्लेआम कर दिया जाएगा.
ईरान ने जॉर्डन के साथ-साथ कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए. (PTI)
- भारत-ईरान और अफगानिस्तान ने किया था चाबहार समझौता
- तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे सिर्फ 9 जहाज
- होर्मुज में भारतीय नाविकों की तैनाती नहीं करेगी सरकार
- कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमला
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार गंभीर होता जा रहा है. लगातार छठे दिन अमेरिका ने ईरान पर एयर स्ट्राइक की. गुरुवार (16 जुलाई 2026) को अमेरिका ने ईरान के सबसे अहम पोर्ट चाबहार को भी टारगेट किया. एयर स्ट्राइक में पोर्ट का कंट्रोल सिस्टम डैमेज हुआ है. अमेरिका इससे पहले दो बार इस पोर्ट को निशाना बना चुका है. भारत ने चाबहार पोर्ट में निवेश कर रखा है. ईरान ने अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद पूरी ताकत के साथ पलटवार किया. ईरान के सरकारी न्यूज एजेंसी मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन, कतर, कुवैत, UAE, सऊदी अरब, बहरीन और ओमान में अमेरिका से जुड़े अहम ठिकानों पर मिसाइलें गिराई हैं.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से बड़ा हमला किया है. ईरान का कहना है कि इस हमले में कई अमेरिकी फाइटर जेट, एयर-टैंकर और दूसरे मिलिट्री रिसोर्सेज तबाह हो गए हैं. हालांकि, अमेरिका की ओर से अभी तक इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है. ईरान ने यहां तक कि मध्यस्थ करा रहे कतर को भी नहीं बख्शा. वहां अमेरिका के कई ठिकानों को ड्रोन और मिसाइलों से नुकसान पहुंचाया.
ईरान ने अमेरिका से जुड़े किन-किन ठिकानों को बनाया निशाना?
- ईरान के सरकारी न्यूज एजेंसी मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक, IRGC ने जॉर्डन में अल-अज़राक (Al-Azraq) एयरबेस को निशाना बनाया था. यहां अमेरिकी सेना के फाइटर जेट और रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट तैनात हैं. ईरान का दावा है कि हमले में हैंगर, फाइटर जेट और कई सैन्य सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है.
- IRGC से जुड़ी एजेंसी फार्स ने दावा किया कि जॉर्डन के अलावा UAE के जेबेल अली पोर्ट, बहरीन के मीना सलमान पोर्ट, कुवैत के शुआइबा पोर्ट, कतर के हमाद पोर्ट और सऊदी अरब के किंग फहद इंडस्ट्रियल पोर्ट को टारगेट किया गया.
- ईरान ने दावा किया है कि उसने ओमान के घनीम क्षेत्र में अमेरिकी एयर कंट्रोल रडार और होर्मुज में स्थित एक समुद्री निगरानी रडार को नष्ट कर दिया है.
कुवैत में कहां-कहां हुए ईरानी हमले?
- ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कतर में स्थित अमेरिकी अल उदैद एयरबेस को निशाना बनाकर हमला किया है.
- अल उदैद एयरबेस अमेरिका का क्षेत्र का सबसे बड़ा सैन्य अड्डों में से एक है. यहां अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का फॉरवर्ड हेडक्वॉर्टर मौजूद है.
- ईरान ने अल उदैद एयरबेस में हमला करके अमेरिकी HIMARS रॉकेट सिस्टम, मिसाइलें और सेना के दूसरे सामान नष्ट करने का दावा किया है.
- कुवैत ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि ईरान ने उसके एक पावर प्लांट और समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले (डिसैलिनेशन) प्लांट पर हमला किया है. इससे प्लांट में आग लग गई और पावर प्रोडक्शन करने वाली कई यूनिट्स को नुकसान पहुंचा है. बता दें कि कुवैत में पीने के करीब 90% पानी की सप्लाई समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले डिसैलिनेशन प्लांटों से होती है.
चाबहार पोर्ट ईरान और भारत के लिए क्यों खास?
चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम है. भारत ने इसके विकास में निवेश किया है. इसे भारतीय कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) ऑपरेट कर रही है. भारत को ये पोर्ट पाकिस्तान को बायपास करके अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच देता है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि फाइटर जेट, ड्रोन और वॉरशिप से ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया. CENTCOM ने कहा कि हमलों में तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. ईरान ने भी अमेरिका के हमलों में चाबहार पोर्ट को नुकसान पहुंचने की बात मानी है.
होर्मुज से गुजरे कितने जहाज?
- शिपिंग डेटा के मुताबिक, गुरुवार (16 जुलाई) को होर्मुज स्ट्रेट से सिर्फ 3 कार्गो शिप गुजरे. यह मई के बाद एक दिन में सबसे कम आवाजाही है.
- शिपिंग ट्रैकिंग कंपनी केप्लर के मुताबिक, प्रतिबंधित टैंकर 'मिरान' और LPG ले जा रहा छोटा जहाज 'नोरिटा' ईरानी रास्ते से होर्मुज पार कर ओमान की खाड़ी पहुंचे, लेकिन अमेरिकी नाकाबंदी वाले क्षेत्र में जाकर रुक गए.
- शिपिंग डेटा के मुताबिक, इराकी फ्यूल ऑयल लेकर जा रहा बंकरिंग टैंकर 'अरोलिया' होर्मुज से बाहर निकलने के कुछ घंटे बाद ही यू-टर्न लेकर फिर खाड़ी की ओर लौट गया है.
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