ईरान का दावा: होर्मुज पर मजबूत की पकड़, UAE के फुजैरा पोर्ट के पास किया कब्जा?
ईरान ने होर्मुज पर नियंत्रण मजबूत करने का दावा करते हुए UAE के फुजैराह के पास के समुद्री इलाके पर भी अधिकार जताया है. जानिए खाड़ी में तनाव कैसे बढ़ रहा है और इसका असर क्या होगा.
ईरान ने साफ कहा है कि होर्मुज से गुजरने वाले हर जहाज को अब उसकी सेना से अनुमति लेनी होगी. (Photo from AI)
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना कंट्रोल और मजबूत करने की बात कही है. ईरानी संस्था 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' ने कहा है कि उसका कंट्रोल अब यूएई के फुजैराह पोर्ट तक फैल चुका है. आपको बता दें कि फुजैराह वह रास्ता है, जहां तेल सप्लाई से जुड़ा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है और जिसे होर्मुज को बायपास करने के लिए तैयार किया गया था. चलिए खबर में आपको बताते हैं ईरान के इस कदम से क्या होगा और बोर्ड ने क्या कहा?
होर्मुज पार करने के लिए लेनी होगी अनुमति
ईरान ने साफ कहा है कि होर्मुज से गुजरने वाले हर जहाज को अब उसकी सेना से अनुमति लेनी होगी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ईरानी अथॉरिटी ने नक्शे के साथ अपने कंट्रोल एरिया की जानकारी दी. इसमें बताया गया कि ईरान के कुह-ए-मुबारक से लेकर UAE के फुजैराह के दक्षिणी हिस्से तक और ईरान के केश्म द्वीप से UAE के उम्म-अल-क्वैन तक का समुद्री इलाका उसके प्रशासनिक नियंत्रण में आता है.
बोर्ड ने यह भी कहा कि इस इलाके से गुजरने वाले जहाजों को पहले अनुमति और समन्वय करना जरूरी होगा, यानी अब अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही पर ईरान की सीधी नजर रहेगी. इस फैसले से वैश्विक शिपिंग कंपनियों और तेल कारोबारियों में बेचैनी बढ़ गई है.
ईरान का कंट्रोल बढ़ने से क्या असर पड़ेगा?
अमेरिका से युद्ध के बाद, ईरान और UAE के रिश्तों में भी तनाव देखने को मिल रहा है. ईरान ने आरोप लगाया है कि खाड़ी देशों ने अमेरिकी सेना को अपने यहां ठिकाने और मदद दी, जिसके जरिए उस पर हमले किए गए. जवाब में ईरान ने कई खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी किए. हालांकि, UAE ने इन आरोपों को खारिज किया. अब होर्मुज पर ईरान के बढ़ते कंट्रोल को लेकर भी UAE खुलकर विरोध कर रहा है. अबू धाबी ने कहा है कि समुद्री रास्तों की आजादी बनाए रखने के लिए संयुक्त कदम उठाने की जरूरत है. UAE को डर है कि अगर ईरान का दबदबा और बढ़ा तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है.
नई तेल पाइपलाइन बनाने का प्लान
हाल ही में UAE ने फुजैराह पोर्ट के जरिए नई तेल पाइपलाइन प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने की घोषणा की थी. अबू धाबी मीडिया ऑफिस के मुताबिक, यह वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करेगी और ADNOC की तेल निर्यात क्षमता को दोगुना कर देगी. माना जा रहा है कि यह पाइपलाइन अगले साल तक चालू हो सकती है.
UAE का मकसद है कि अगर होर्मुज में हालात और बिगड़ते हैं, तब भी उसका तेल कारोबार प्रभावित न हो. दूसरी तरफ ईरान लगातार यह दावा कर रहा है कि खाड़ी देशों की जमीन और एयरस्पेस का इस्तेमाल उसके खिलाफ किया जा रहा है, जबकि खाड़ी देशों ने इन आरोपों को बार-बार नकारा है.
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